खामपार। सीमावर्ती बिहार के भोरे थाना क्षेत्र के लाला छापर के स्वर्ण व्यवसायी लूट और हत्याकांड के मुख्य आरोपी मनिंद्र मिश्रा की तलाश में बिहार पुलिस, एसआईटी के अलावा एसटीएफ भी जुटी हुई है। इस लूटकांड की साजिश गुजरात के उमरगांव में रची गई थी।
करीब दो माह पहले बिहार प्रांत के लाला छापर पोखरा निवासी स्वर्ण व्यवसायी दीपक वर्मा की आभूषण दुकान में बाइक सवार बदमाशों ने लूटपाट की कोशिश की थी। विरोध करने पर बदमाशों ने सिसई गांव निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया था। ग्रामीणों की पिटाई से घायल दो आरोपियों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मनिंद्र मिश्रा पर रंगदारी, लूट, ठेकेदारी में वर्चस्व कायम करने सहित विभिन्न मामलों में कुल 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे पुलिस रिकॉर्ड में शातिर एवं संगठित अपराधी के रूप में चिह्नित किया गया है। हाल ही में उसके नाम से भोरे क्षेत्र के एक चिकित्सक से रंगदारी मांगने का मामला भी सामने आया था।
एसपी गोपालगंज विनय तिवारी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी, बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम लगातार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। हथुआ के एसडीपीओ आनंद मोहन ने बताया कि इनामी मनिंद्र के गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम में लगी है।