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एसटीएफ ने दी कुछ और फर्जी शिक्षकों की सूची, भेजा गया नोटिस

Fri, 17 Jan 2020 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण की जांच कर रही एसटीएफ ने जिले के कुछ और फर्जी शिक्षकों की सूची यहां के अधिकारियों को दी है। संबंधित विश्वविद्यालय, बोर्ड या डायट ने इनके शैक्षिक अभिलेखों को सत्यापित कर इन्हें कूटरचित ढंग से बनाया हुआ घोषित किया है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट के बाद जल्द ही इन शिक्षकों की जल्द ही बर्खास्तगी तय है।
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कार्यालय ने तय समय के अंदर इस संबंध में स्पष्टीकरण नहीं देने पर इन्हें अंतिम नोटिस भी जारी कर दी गई है। जिले में वर्ष 2000 के बाद हुई नियुक्तियां लगातार संदेह के घेरे में रही हैं। इस दौरान रहे बीएसए ने कुछ बाबुओं की मिलीभगत से हुई नियुक्तियों में खूब मनमानी की है। वर्ष 2010 के दौरान रहे एक पूर्व बीएसए तथा अगस्त 2014 से जुलाई 2016 तक रहे यहां तैनात रहे एक अति चर्चित बीएसए के समय में हुई नियुक्तियों की आज भी लोग खूब चर्चा करते हैं। इन दोनों के समय में परिषदीय एवं जिले के 71 एडेड विद्यालयों में भी हुई शिक्षक भर्ती पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

उस दौरान जिन्हें नौकरी मिली, चर्चा तो यह भी होती है कि वह शिक्षक स्कूल कम, या किसी व्यवसाय व धंधे में ज्यादा समय बीताते हैं, या अधिकारियों से सेटिंग कर स्कूल ही नहीं जाते। कई तो ऐसे भी शिक्षक हैं, जो कई प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक के पद भी भी कार्यरत हैं। अधिकारी पर इन पर कार्रवाई करने में हिचकते हैं। इधर पिछले एक साल से जिले के फर्जी शिक्षकों की जांच एसटीएफ कर रही है।
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टीम ने यहां के विभिन्न विकास खंडों के 200 से अधिक शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को संदिग्ध सूची में डाला है। इनके प्रमाण पत्रों का खुद जांच एजेंसी व कार्यालय की ओर से पुन: कराया जा रहा है। इस बाबत बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि सत्यापन के बाद कुछ शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी ढंग से हासिल करने की पुष्टि हुई है। पिछले सप्ताह चार शिक्षकों को बर्खास्त भी किया गया था। चार दिन पूर्व एसटीएफ इस संबंध में कार्यालय भी आई थी। कुछ और शिक्षकों को अंतिम नोटिस जारी की गई है।

निर्धारित समय के अंदर इन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा तो इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होना तय है। पिछले एक साल से जिले में अब तक 20 शिक्षकों को फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप के बाद हुई जांच में बर्खास्त किया जा चुका है। इस कार्रवाई से अब तक चैन से नौकरी कर रहे इन शिक्षकों में अब खलबली मची हुई है। इनमें से कई तो स्कूल जाना ही छोड़ चुके हैं और कई मेडिकल लगातार गायब चल रहे हैं।
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