नगर के दुग्धेश्वरनाथ वार्ड में दुर्गा मंदिर के पीछे पोखरे के सुंदरीकरण में खराब ईट और खराब काम करने का विरोध में नारेबाजी करते पूर्व चेयरमैन सुबाषचंद मद्धेशिया और मोहल्ले वाले
दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के पास पोखरे के मालिकाना हक को लेकर नगर पंचायत और सतासी राज घराना आमने सामने आ गए है। सतासी स्टेट के उत्तराधिकारी ने नगर पंचायत पर निजी पोखरे की मरम्मत के नाम पर सरकारी धन के दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने को कहा। वहीं निर्माण कार्य में खामियों को लेकर पूर्व चेयरमैन सुुुुभाष मद्घेशिया ने सोमवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने पोखरे जीर्णोद्घार के नाम पर नगर पंचायत का रकम बर्बाद करने का आरोप लगाया।
मंदिर के पीछे पुराने पोखरे के जीर्णोद्घार को नगर पंचायत ने 37 लाख रुपये की निविदा स्वीकृत की है। सोमवार को पूर्व चेयरमैन निर्माण स्थल पर पहुंच कर कहा कि निर्माण कार्य में घटिया किस्म की ईंटों का प्रयोग हो रहा है। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता की जांच कर कार्रवाई की मांग की। सतासी स्टेट के अधिवक्ता धनंजय सिंह ने कहा कि नगर पंचायत अनाधिकृत तौर पर पोखरे की मरम्मत करा रहा है। यह पोखरा सतासी स्टेट का है। इसकी विधिक मालकिन सतासी स्टेट की उत्तराधिकारी कादंबरी सिंह है। निजी जमींन पर टेंडर निकालकर काम कराना नियम और कानून के खिलाफ है। सतासी राज नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ विधिक कार्रवाई करेगा। नगर पंचायत अध्यक्ष छठ्ठे लाल निगम का कहना है कि पोखरा सार्वजनिक है। यदि स्टेट के पास कोई मालिकाना हक का कागजात हो तो दिखा सकते हैं। इस पोखरे का निर्माण समाजसेवी बंशगोपाल साहू ने कराया था। नगर पंचायत सार्वजनिक पोखरे का जीर्णोद्धार करा रहा है। यदि खराब काम हो रहा होगा तो उसकी जांच कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।