देवरिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जनपद शाखा की बैठक विकास भवन स्थित कैंप कार्यालय में हुई। इसमें केंद्र सरकार के समान राज्य कर्मचारियों को भी बोनस देने की मांग उठाई गई।
कर्मचारी नेताओं ने बोनस के मामले में दोहरी नीति अपनाने पर नाराजगी जताई। साथ ही बोनस की राशि सात हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य कर्मचारियों की सेवा शर्तों एवं सुविधाओं में समानता बनाए रखने की व्यवस्था है।
इसके बावजूद बोनस के मामले में अलग-अलग नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों को भी केंद्र के समान बोनस का लाभ मिलना चाहिए। कर्मचारियों के हितों की अनदेखी उचित नहीं है।
संगठन मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस देने की घोषणा की है।
इसी तर्ज पर प्रदेश सरकार को भी राज्य कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा करनी चाहिए। इससे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
सुनील कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में करीब 16 लाख कर्मचारियों को बोनस का लाभ मिलता है। सरकार बोनस की राशि सात हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करे।
इससे राज्य कर्मचारियों के साथ निकायों और निगमों में कार्यरत कार्मिकों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने संविदा, आउटसोर्सिंग और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस के दायरे में लाने की मांग की। कहा कि इन कर्मचारियों को भी आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने परिवार के साथ दीपावली का पर्व खुशी से मना सकें।
बैठक में मोहन शर्मा, विश्वनाथ यादव, छोटेलाल गुप्ता, जगदीश चौरसिया और फेकूलाल यादव आदि उपस्थित रहे।