बरहज। सरयू नदी के दियारा क्षेत्र में कोटवां गांव स्थित खेतों में किसी ने बुधवार की दोपहर में डंठल में आग लगा दी। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और खेतों के बीच झोपड़ी डालकर रह रहे पैना गांव निवासी श्रीकिशुन निषाद की झोपड़ी भी जलने लगी।
श्रीकिशुन की पत्नी बचिया देवी (40) पैर से दिव्यांग होने के कारण भाग नहीं सकीं। उसकी झोपड़ी में ही झुलसकर मौत हो गई। झोपड़ी में रखे समान के अलावा दो बकरियां भी जल गईं।
पैना गांव निवासी श्रीकिशुन करीब 16 वर्ष से सरयू नदी पार कोटवां दियारा क्षेत्र में झोपड़ी डालकर परिवार समेत रहते हैं। वे वहां किसानों का खेत बंटाई पर लेकर खेती करते हैं। बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे किसी ने खेतों के डंठल में आग लगा दी।
इसकी जद में आ जाने से श्रीकिशुन की झोपड़ी भी जलने लगी। लोगों का कहना है कि पैर से दिव्यांग होने के कारण बचिया देवी जान बचाने के लिएभाग नहीं सकीं और जल गईं। बचिया देवी की मौत से लोग हतप्रभ हैं। झोपड़ी में रखा सारा समान जल गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे म ें ले लिया।
जानकारी होने पर एसडीएम हरिशंकर लाल, तहसीलदार अरुण कुमार, एसओ विशाल श्रीवास्तव आदि ने मौके का जायजा लिया।