लखनऊ से कारोबारी का अपहरण कर जेल में पिटाई और 45 करोड़ की संपत्ति के कागजात पर हस्ताक्षर कराने के मामले में एसपी ने रविवार को जेल अधीक्षक को कैंप कार्यालय बुलाकर पूछताछ की। वहीं, रविवार सुबह सीओ सिटी ने जेल पहुंचकर कुछ जानकारी ली।
रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित ऑफिस से बुधवार को अगवा किया गया था। आरोप है कि उसे देवरिया जिला जेल लाकर माफिया अतीक अहमद और उसके बेटों ने पीटा। उससे 45 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति पर हस्ताक्षर करा लिए। किसी तरह लखनऊ पहुंचे मोहित ने कृष्णानगर थाने में शुक्रवार रात को केस दर्ज कराया था। इस मामले में अतीक के दो गुर्गे लखनऊ में ही पकड़ लिए गए।
मामला सार्वजनिक होने के बाद एसपी एन.कोलांचि ने इसे गंभीरता से लिया और जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय को कैंप कार्यालय तलब कर घटना की जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने एसपी को बताया कि लखनऊ से मोहित कुमार जायसवाल जेल में बंद अतीक अहमद से मिलने आया था। उसके आवेदन पर मिलने की इजाजत दी गई थी। अंदर क्या हुआ पता नहीं। मोहित ने बाहर जाते समय कुछ बताया नहीं था। उधर, एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी वरुण मिश्र ने भी जेल पहुंचकर छानबीन की। इस बाबत एसपी एन.कोलांचि ने बताया कि जेल अधीक्षक को कैंप कार्यालय पर बुलाया गया था। उनसे जानकारी ली गई है। मामले की जांच डीआईजी जेल गोरखपुर को मिली है। जांच में जो सामने आएगा, वैसा किया जाएगा।
देर शाम पहुंचे डीआईजी जेल, की पड़ताल
लखनऊ से रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर देवरिया जिला जेल में पिटाई मामले की जांच शासन ने डीआईजी गोरखपुर को सौंपी है। रविवार की देर शाम देवरिया जेल पहुंचे डीआईजी अरविंद सिंह ने जेल प्रशासन से पूरे मामले की जानकारी ली। मुलाकाती रजिस्टर को चेक किया। माफिया के बैरक तक पहुंचकर वहां तैनात बंदी रक्षकों व अन्य बंदियों से भी पूछताछ की। डीआईजी ने शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही।