ब्लॉक प्रमुख चुनाव में समाजवादी पार्टी ने नौ सीटें जीतकर दबदबा भले कायम की है। लेकिन उसे प्रतिष्ठा वाली सीटें गंवानी पड़ी है। भाजपा ने दो, बसपा ने एक और अन्य चार लोगों ने जीत दर्ज की है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के बेटे सुब्रत शाही ने पथरदेवा से सपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह को मात देकर राजनीति में इंट्री की है। इस सीट पर सपा विधायक शाकिर अली और जिलाध्यक्ष राम इकबाल यादव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी।
पूर्व एमएलसी श्रीनाथ एडवोकेट की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बालेश्वरी देवी को गौरीबाजार सीट हार गईं। इस सीट को बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर सुधीर कुमार की पत्नी नीलम चंदेल ने जीती। सपा को यहां से प्रत्याशी ही नहीं मिला था। देसही देवरिया सीट पर भी सपा को झटका लगा है।
यहां से मुकेश यादव ने सपा प्रत्याशी अनिल सिंह को तीन वोट से मात दी। रामपुर कारखाना से ऊषा चौहान ने सपा प्रत्याशी सत्येंद्र पाल को 18 मत से हराया। भागलपुर सीट पर सावित्री देवी ने सपा प्रत्याशी बिंदा देवी को हराया। पूर्व एमएलसी राम नगीना यादव की बहू शैल देवी ने बैतालपुर से निर्विरोध जीतकर सपा का झंडा बुलंद किया।
तरकुलवा से सपा प्रत्याशी कमलेश्वर सिंह अप्पू के मैदान छोड़ने की चर्चा रही। इस सीट से कैबिनेट मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी के बेटे निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख अभिषेक त्रिपाठी राजन यहां से निर्विरोध चुने गए।
समाजवादी पार्टी के सलेमपुर से राजेश सिंह उर्फ मंटू, भटनी से रनिया देवी, बरहज से मंजीत यादव, लार से आरती देवी, बनकटा से विमला रंजन, भाटपाररानी से व्यास यादव, भलुअनी से ज्ञानमती, देवरिया सदर से सपा की पूनम ने जीत दर्ज की। रुद्रपुर सीट पर भाजपा के जटाशंकर द्विवेदी ने सपा के भरत यादव को हराया।