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Deoria News: कहीं घर के सिलिंडर तो कहीं चूल्हे पर बन रहा एमडीएम

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घर से लाए सिलिंडर पर बन रहा एमडीएम।
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देवरिया। रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत ने मध्याह्न भोजन योजना से अच्छादित 2355 स्कूलों के हेडमास्टरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बच्चों का मध्याह्न भोजन बनवाने के लिए कोई हर दिन लकड़ी खरीद रहा है तो किसी ने अपने घर से सिलिंडर लाकर स्कूल में लगाया है। अभी इस संकट से इतनी जल्दी राहत भी मिलने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित है और बैकलॉग बढ़ रहा है।
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बलिया उत्तरी के हेडमास्टर घर से ले आए सिलिंडर
भागलपुर ब्लॉक में शनिवार को कंपोजिट विद्यालय बलिया उत्तर, भागलपुर, छित्तूपुर में देवसिया में रसोई गैस सिलिंडर पर मध्यान भोजन बन रहा था। बलिया उत्तर कम्पोजिट विद्यालय के हेड मास्टर नीरज वर्मा ने बताया कि घर से सिलिंडर लाकर खाना बनवाया हूं। अभी चार से पांच दिन का काम चल जाएगा। एजेंसी पर बुकिंग कराया है। अगला सिलिंडर नहीं मिला तो दिक्कत आएगी। भागलपुर कम्पोजिट विद्यालय के हेड मास्टर राजेश यादव ने बताया कि खंड शिक्षाधिकारी से चिट्ठी लिखवाकर एक सिलिंडर लाया हूं। वहीं प्राथमिक विद्यालय छित्तूपुर के हेडमास्टर दीपक सिंह ने बताया कि पिछला सिलिंडर खत्म होने वाला है। नए के लिए एजेंसी से बुकिंग कराकर आ रहा हूं।
बरहज में लकड़ी पर पक रहा मध्याह्न भोजन

बरहज में नगर-क्षेत्र में कुछ विद्यालयों को छोड़कर अधिकांश में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत बरकरार है। प्राथमिक विद्यालयों की रसोई में लकड़ी के चूल्हे पर मिड-डे-मिल पकाना मजबूरी हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र के पिपरा चतुरी गांव के स्कूल में गैस सिलिंडर खाली हो जाने के कारण रसोईया ईंट का वैकल्पिक चूल्हा बनाकर लकड़ी जलाकर भोजन बनाई थी। अब बर्तनों को साफ करना भी बड़ी चुनौती है। वहीं चकरा भार्गव में गैस सिलिंडर पर भोजन पकाया जा रहा था। विकल्प के तौर पर रसोई घर में जलौनी लकड़ियों के साथ झाड़ियों की टहनी भी मौजूद थी। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि एमडीएम के लिए रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है।
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भाटपार में स्कूलों में भरपूर है सिलिंडर

एक तरफ जहां पूरा जिला रसोई गैस सिलिंडर के संकट से जूझ रहा है, वहीं भाटपार रानी विकासखंड के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन रसोई गैस सिलिंडर पर ही बनाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय विशनपुरा के प्रधानाध्यापक संजय प्रसाद ने बताया कि हमारे यहां रसोई गैस सिलिंडर पर ही एमडीएम बनवाया गया है। प्राथमिक विद्यालय बेलपार पंडित और छोटका गांव में भी गैस सिलेंडर पर मध्याह्न भोजन पकाया जा रहा है।
खंड शिक्षा अधिकारी भाटपार रानी संजीव कुमार ने बताया कि शुरुआत में कुछ समस्या आई थी। तब लकड़ी पर मध्यान्ह भोजन बनवाना पड़ा। अब सभी जगहों पर गैस सिलिंडर उपलब्ध हो गया है।
गैस बचाने के बनने लगी तहरी

क्षेत्र के स्कूलों में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत को देखते हुए मिड डे मील का मीनू तहरी पर आकर रुक गया है। इससे गैस की कम खपत होने की बात कही जा रही है। शिक्षक ओमप्रकाश शुक्ल ने बताया कि स्कूल छोड़कर घंटों कतार में खड़ा होने की नौबत आ गई है। प्रशासन को परिषदीय स्कूलों के लिए विशेष व्यवस्था बनानी चाहिए। वही गैस की किल्लत को देखते हुए कई स्कूलों में गैस की खपत कम करने के लिए तहरी बनना शुरू हो गया है।
बीईओ रामप्यारे राम ने बताया कि पूर्व के भांति सभी स्कूलों में मीनू के अनुसार भोजन पक रहा है। नायब तहसीलदार हरि प्रसाद ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में गैस सिलेंडर देने को एजेंसी संचालक से बोला गया है। सभी प्रधानाध्यापक अपने लेटर पैड पर लिख कर और पासबुक के साथ आए तुरंत गैस सिलिंडर उपलब्ध हो जाएगा।
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