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Deoria News: किसी ने बीमारी तो किसी ने शादी में खर्च कर दिए पीएम आवास की धनराशि

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किस्त पाकर सुस्त हो गए 410 लाभार्थी, फंसी छह करोड़ की रकम
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डूडा की ओर से तीन बार जारी किया जा चुका है नोटिस, लाभाथीZ नहीं शुरू करा रहे पीएम आवास का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर की सोमनाथ नगर निवासी बिंदू देवी प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए तीन साल से डूडा कार्यालय का चक्कर काट रही थीं। वर्ष 2021 में उनका आवास स्वीकृत हो गया। खाते में आवास की पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख की धनराशि पहुंच गई, मगर उन्होंने उस रकम का इस्तेमाल पक्का घर बनाने की वजाय घर खर्च में कर दिया। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के पास ऐसे लाभार्थियों की सूची चार सौ से अधिक हो गई है। जिन्होंने आवास के नाम पर धनराशि तो ले ली मगर, मकान बनवाने में हीलाहवाली कर रहे हैं। किसी ने उस रुपये को शादी में खर्च कर दिया तो किसी ने बीमारी में। 30 लाभार्थी मर चुके हैं। चिन्हित किए गए 410 लाभार्थियों को डूडा की ओर से तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है। अब धनराशि वसूली के लिए आरसी जारी कराने की तैयारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत केंद्र सरकार प्रत्येक लाभार्थी को ढाई लाख रुपये पक्का घर बनाने के लिए देती है। धनराशि का भुगतान तीन किस्तों में लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है। नींव से छत लेवल तक निर्माण के लिए पहली किस्त डेढ़ लाख रुपये दी जाती है। दूसरी किस्त 50 हजार छत व प्लास्टर के लिए और तीसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये आवास का निर्माण पूरा होने पर दिया जाता है। प्रधानमंत्री आवास बनाने की अवधि तीन माह निर्धारित है। लेकिन 410 लाभार्थी ऐसे हैं, जो एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं कराए हैं।
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30 लाभार्थियों की हो गई मौत, 60 की जमीन विवादित
डूडा कार्यालय की ओर से लंबित आवास के लाभार्थियों को भेजे गए नोटिस के दौरान 30 लाभार्थियों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें कई के वारिसों में किसी एक के नाम पर आवास बनवाने की सहमति नहीं बन पा रही है, जो सहमति वाले हैं, उनका नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाया है। इसके अलावा 60 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनकी जमीन विवादित है। शेष लाभार्थियों ने धनराशि का दुरुपयोग किया है।
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केस एक:
पापा की बीमारी में खर्च हो गई रकम
शहर की वार्ड नंबर 17 निवासी सोनमती के नाम से वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ। एक साल बाद लाभार्थी की मौत हो गई। उसके कुछ दिन बाद ही पति हरिलाल का भी स्वर्गवास हो गया। बेटे सूर्यभान ने बताया कि पहले मम्मी फिर पापा की बीमारी में रुपये खर्च हो गए। इसके चलते आवास नहीं बन पा रहा है।
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केस दो:
शादी में खर्च हो गई आवास की रकम
शहर की देवरिया खास निवासी पूनम देवी के नाम वर्ष 2021 के प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ। पहली किस्त खाते में पहुंचने के बाद धनराशि शादी में खर्च हो गई। अब नोटिस मिलने के बाद आवास निर्माण पूरा कराने में जुटी हैं।
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केस तीन:
आवास के पैसे से बेटे को भेज दिया विदेश
शहर के रामगुलाम टोला निवासी वीरेंद्र प्रताप यादव को फरवरी 2022 आवास की पहली किस्त मिली। तभी बेटे का कुवैत से बीजा आ गया। वीरेंद्र ने बताया कि आवास बनवाने के लिए मिले रुपये देकर बेटे को विदेश भेज दिया। दो माह बाद बेटा लौट आया। तब से पैसा नहीं जुट पा रहा कि आवास का निर्माण कराऊं।

केस चार:
रुपये के बंटवारे में अटका है आवास
लार नगर पंचायत के वार्ड नंबर तीन निवासी जयप्रकाश सिंह के नाम पर वर्ष 2020 में आवास स्वीकृत हुआ। पहली किस्त डेढ़ लाख रुपये खाते में भेज दिए गए। उन्होंने बेटों को अलग-अलग आवास बनाने के लिए रकम बांट दी। कोई निर्माण नहीं करा रहा है। बड़े बेटे सुखी ने बताया कि हम तीन भाई हैं। वसूली होगी तो सभी लौटाएंगे।
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एक नजर में:
- 03 माह में पूरा कराना होता है पीएम आवास का निर्माण
- 03 किश्त में मिलती ढाई लाख की धनराशि
- 410 लाभार्थियाें को तीन बार जारी हो चुका है नोटिस
- 6.15 करोड़ फंसी है योजना की धनराशि

कोट:
पीएम आवास योजना शहरी के तहत स्वीकृत आवास का निर्माण तीन माह में पूरा कराना होता है। 410 लाभार्थी ऐसे हैं, जो एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण नहीं करा रहे हैं। इन्हें तीन बार नोटिस जारी किया जा चुका है। अब आरसी के माध्यम से आवंटित धनराशि वसूली की तैयारी चल रही है। - विनोद कुमार मिश्र, पीओ डूडा
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