निकाय चुनाव के आरक्षण ने बदल दी तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। निकाय चुनाव के अध्यक्ष और सभासदों के आरक्षण की तस्वीर ने राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल दिया है। आरक्षण का बदलाव होते ही अनंतिम सूची भी जारी कर दी गई है। पूर्व के आरक्षण में बदलाव का असर भी देखने को मिल रहा है।
जनपद में 17 निकायों में से 12 निकायों का आरक्षण बदला है। इससे जिले में शहर की राजनीति ने एक बार फिर सरगर्मी बढ़ा दी है। दावेदार अपना टिकट पक्का करने के लिए राजनीतिक दलों का चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को सभासद पद का आरक्षण आने के बाद कई ऐसे दावेदारों को निराश होना पड़ा, जो अपने वार्ड से चुनावी मैदान में उतरने को बेताब थे, लेकिन उनकी सीट आरक्षण में चली गई। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो सभी राजनीतिक दल अब आरक्षण के हिसाब से दावेदारों का कद आंक रहे हैं। सबसे अधिक दावेदारी भाजपा और समाजवादी पार्टी में है। दोनों दल ऐसे प्रत्याशी की तलाश में हैं, जो चुनावी वैतरणी पार कर पार्टी का झंडा बुलंद कर सकें।
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दिसंबर में ये था आरक्षण
देवरिया। दिसंबर माह में घोषित आरक्षण पर गौर किया जाए तो आठ सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई थीं। इसमें देवरिया नगर पालिका महिला के लिए आरक्षित थी, जबकि बरहज नगर पालिका पिछड़ा वर्ग महिला के लिए था। नगर पंचायत बैतलापुर पिछड़ा वर्ग महिला, पथरदेवा, हेतिमपुर, मझौलीराज, बरियारपुर, गौरीबाजार महिला, लार, मदनपुर, तरकुलवा, सलेमपुर, रुद्रपुर, भटनी, रामपुर कारखाना, भाटपाररानी अनारक्षित था, जबकि भलुअनी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था।
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छह नई नगर पंचायतों के वोटर पहली बार चुनेंगे अध्यक्ष
देवरिया। जनपद में इस बार छह नई नगर पंचायतें बनी हैं। इसमें हेतिमपुर, तरकुुलवा, पथरदेवा, बैतालपुर, मदनपुर, भलुअनी है। इन निकायों में शामिल सभी गांवों को वार्ड के रूप में बना दिया गया है। यह वोटर शहरी हो गए हैं। आने वाले दिनों में शहर की सरकार चुनेंगे। इसी तरह नगर पालिका परिषद देवरिया में 23 गांव और बरहज में शामिल आठ गांवों के मतदाता भी नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। अपने वार्ड का सभासद भी चुनेंगे।