देवरिया। भटनी थाना क्षेत्र में 20 सितंबर को सिपाही महानंद की वाहन से कुचलकर हत्या के आरोप में पकड़े गए शराब तस्करों ने अहम सुराग दिए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिराेह में चार और गुर्गे शामिल हैं। जानकारी मिलने के बाद पुलिस घटना में शामिल अन्य बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
सिपाही महानंद यादव को वाहन से कुचलकर हत्या के आरोप में पकड़े गए पांचों तस्कर अवैध शराब तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह से जुड़े हुए हैं। इस गिरोह का नेटवर्क यूपी और बिहार दोनों जगहों पर फैला हुआ है। घटना के दिन गिरोह के सदस्य दो स्कार्पियो में सवार होकर देवरिया आ रहे थे। हरियाणा से आने वाली शराब की खेप से इनको संपर्क करना था और मुजफ्फरपुर तक जाना था। पर जिले की सीमा में प्रवेश करते समय ही घटना हो गई और सभी फरार हो गए। इस के तार बिहार के जड़ी गिरोह से जुड़े हुए हैं, जो बिहार के बार्डर पर सक्रिय है। यह गिरोह पटना के होटलों में शराब भेजवाता है।
पुलिस की पूछताछ में तस्करों ने जो राज उगला है उसमें तीन, चार अन्य तस्कर भी शामिल हैं, जिनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस को यह पता चला है कि गिरोह के मास्टर माइंड और शराब की खेप भेजने वाले दिल्ली और हरियाणा के हैं। किसी को शक न हो इसके कारण लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जाता है। इसमें स्कार्पियो, कार, फार्चूनर सहित अन्य वाहन हैं। यहां तक कि बिहार के राजनीतिक गलियारे में पकड़ होने के कारण कभी-कभी पार्टी का झंडा भी लगा लेते हैं, जिसकी बदौलत रौब गांठ कर निकल जाते थे। फरार विजय माझी भी एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है। शराब बिहार ले जाते समय तस्कर कभी भी एक वाहन का उपयोग नहीं करते हैं। आगे-पीछे कई वाहन रहते हैं। इसके कारण पुलिस को भी चकमा देने में आसानी रहती है।
पकड़े गए शराब तस्कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। सूचीबद्ध कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार, एएसपी