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- मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज होंगे स्मार्ट मीटर, कम होगा फॉल्ट, घटेगा राजस्व का नुकसान
विद्युत चोरी पर लगाम लगाने के लिए विद्युत निगम की कवायद शुरू
लोकसभा चुनाव के बाद घर-घर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा
4.70 लाख उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे 4जी स्मार्ट मीटर
बिजली की वास्तविक खपत पर ही देना पड़ेगा बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विद्युत चोरी पर लगाम लगाने के लिए निगम ने कवायद शुरू कर दी है। बिजली चोरी रोकने और बिल भुगतान की समस्या से छुटकारा पाने के लिए विद्युत निगम की ओर से यह पहल की जा रही है। जिले के 4.70 लाख उपभोक्ताओं के घरों में अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। अब उपभोक्ताओं के यहां 4जी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इससे बिजली की वास्तविक खपत के अनुसार ही बिल देना पड़ेगा।
जिले के विद्युत वितरण खंडों में जिओ टैगिंग की जा चुकी है। लोकसभा चुनाव के बाद घर-घर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। देवरिया, सलेमपुर, बरहज और गौरीबाजार विद्युत वितरण मंडल में 4 लाख 70 हजार 4जी स्मार्ट मीटर लगाने की विभाग की योजना है।
जिले में चरणवार स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। जैसे-जैसे मीटर उपलब्ध होगा, कंपनी के कर्मचारी उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को भी इस मीटर के लगने से कई सुविधाएं मिल सकेंगी। मीटर में बिजली के उपयोग के लिए उपभोक्ता प्रीपेड मीटर का उपयोग कर सकेंगे। उपभोक्ताओं को मीटर रिचार्ज कराना पड़ेगा। इससे जितना रुपया रहेगा उतने का ही बिजली का उपभोग उपभोक्ता कर सकेंगे। स्मार्ट मीटर में खास बात यह भी होगी कि उसमें ऑन-ऑफ करने का विकल्प भी मिलेगा, इससे उपभोक्ता घर से बाहर जाने पर मीटर को बंद कर सकता है। कुल मिलाकर स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को उतना ही बिल देना होगा, जितने का वह उपयोग करेगा।
मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज कर सकते हैं स्मार्ट मीटर
स्मार्ट मीटर को मोबाइल की तरह ही रिचार्ज कर सकेंगे। रुपये खत्म होने पर ऑनलाइन ही बिजली कनेक्शन भी काट दिया जाएगा। सबसे अहम कि इस पहल के होने से बिजली कर्मियों को घर-घर जाकर मीटर की रीडिंग लेने से छुटकारा मिल सकेगा। साथ ही गलत रीडिंग और बिल से संबंधित शिकायतों से भी निजात मिलेगी। मीटर की रीडिंग ऑनलाइन कंट्रोल रूम से ही लेकर बिल जेनरेट कर दिया जाएगा और बिल की पूरी डिटेल मीटर पर ही डिस्प्ले होने लगेगी। कंट्रोल रूम से ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किस ट्रांसफाॅर्मर पर बिजली चोरी की जा रही है।
सैकड़ों से अधिक स्थानों पर जियो टैगिंग पूरी
स्मार्ट मीटर लगाने के लिए पॉवर कारपोरेशन और जीनस पॉवर सल्यूशंस लिमिटेड कंपनी ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिले के विद्युत वितरण खंडों में करीब सैकड़ों से अधिक स्थानों पर जियो टैगिंग की जा चुकी है। बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली चोरी के मामलों पर अंकुश लगेगा और उपभोक्ता उपयोग के अनुसार ही बिल अदा करेंगे।
कम होगा फॉल्ट, घटेगा राजस्व का नुकसान
मीटरों के फॉल्ट और बिल की गड़बड़ियों से निजात दिलाने के लिए बिजली निगम की ओर से 4जी स्मार्ट मीटर लगाने की पहल की गई है। मीटर लगाने का कोई खर्च बिजली उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा। इन मीटरों के लगने से उपभोक्ताओं को बिजली खपत, बिल आदि से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से मिलेगी।
कोट
4जी स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली चोरी पर रोक लगेगी। साथ ही लाइन लाॅस व कटियाबाजी से निजात मिलेगी। 4 जी स्मार्ट मीटर में ऑन ऑफ का विकल्प भी होगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली की वास्तविक खपत के अनुसार ही बिल देना पड़ेगा।
-वीके सिंह, अधिशासी अभियंता, देवरिया
स्कीपअप
प्रीपेड मीटर लगने से उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत होगी। 4जी स्मार्ट मीटर में ऑन-आफ का विकल्प रहेगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली की वास्तविक खपत के अनुसार ही बिल देना पड़ेगा।
-धमेंद्र पांडेय, सीसी रोड
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को उतना ही बिल देना होगा जितने का वह उपयोग करेगा। उसमें ऑन-ऑफ करने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे उपभोक्ता घर से बाहर जाने पर मीटर को बंद कर सकता है।
-बलिराम मणि त्रिपाठी, भुजौली कॉलोनी