संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों औसतन तीन साै से अध्कि त्वचा रोगी पहुंच रहे हैं।
चर्म रोग विभाग की डॉ. सुधा चौधरी ने बताया कि अप्रैल से लेकर अक्तूबर तक त्वचा से संबंधी दाद -स्केबीज और दिनाई के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। नवंबर से मार्च तक सोरायसीस के मामले तेजी से बढ़ते है।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. अजित पाल ने बताया कि दो दिन से बारिश के कारण मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन मौसम समान्य होने पर मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
शुक्रवार को ओपीडी के दौरान बहुत से ऐसे मरीज दिखाने आए जिनको सफेद दाग की समस्या थी। सफेद दाग पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि हर सफेद दाग विटिलिगाे नहीं होता है। इसके कई कारण होते है,जैसे इम्यून सिस्टम की गड़बडी या पोषण् की कमी।इसका इलाज संभव होता है,लेकिन अक्सर लोग डर के कारण देर से उपचार कराते है।डा0 पाल ने कहा कि स्केबीज एक संक्रामक त्वचा रोग है जो व्यक्तियों से व्यक्तियों में संपर्क या कपड़ो के माध्यम से फैलता है।
ऐसे मरीजों कोअपनी वस्तुएं अलग रखनी चाहिए और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसको लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।न