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स्किल लैब में मेडिकल के विद्यार्थी करेेंगे पढ़ाई

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स्किल लैब में मेडिकल के विद्यार्थी करेेंगे पढ़ाई
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सीखेंगे इलाज के गुर, लैब की लागत होगी तकरीबन एक करोड़
मेडिकल कॉलेज में लैब बनाने की कवायद तेज, हॉल तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में स्किल लैब स्थापित करने की कवायद तेज कर दी गई है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त लैब में एमबीबीएस के विद्यार्थी मरीजों के इलाज के गुर सीखेंगे। इसमें इंजेक्शन लगाने, हृदय को पंप करने सहित शरीर के विभिन्न अंगों के क्रिया-कलापों व उपचार के तरीकों सहित अन्य जानकारी को व्यावहारिक रूप से सीखेंगे। इस लैब पर तकरीबन एक करोड़ रुपये खर्च आएगा।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष की पढ़ाई चल रही है। एमबीबीएस पहले साल में सौ विद्यार्थी हैं। ये अब द्वितीय वर्ष में चले जाएंगे। इस वर्ष विद्यार्थियों को मरीजों का इलाज करने की पढ़ाई भी करनी होती है। इसमें मरीज के प्राथमिक उपचार से लेकर अन्य तरीकों के बारे में जानकारी के साथ ही प्रैक्टिकल कराया जाता है, जो स्किल लैब में होगा।
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इस लैब में चिकित्सा से संबंधित तकनीकी ज्ञान कराया जाता है। लैब के निर्माण के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक भवन में हॉल तैयार हो गया है। अब उसे संसाधनों से लैस करना है। उसके लिए बजट का इंतजार है। उम्मीद है कि जल्द लैब तैयार हो जाएगी। लैब में मनुष्य के शरीर के मॉडल के अलावा विभिन्न अंगों के मॉडल मौजूद रहेंगे। इस पर विद्यार्थी प्रैक्टिकल करेंगे। लैब में किसी घटना व दुर्घटना के समय पीड़ित का प्राथमिक उपचार करने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा हड्डी टूटने, दुर्घटना में घायल सहित रास्ते में कोई अचानक गिर जाए तो बेसिक सपोर्ट के जरिये इलाज करने के बारे विद्यार्थियों को जानकारी देने के साथ ही मॉडल पर प्रैक्टिकल कराया जाएगा, ताकि उसकी झिझक दूर हो सके और मरीजों की अच्छी तरह सेवा कर सके।
लैब में यह होगी पढ़ाई
देवरिया। स्किल लैब में मेडिकल के विद्यार्थी इंजेक्शन लगाने, बैंडेज करने के अलावा हड्डी टूटने पर तत्काल राहत देने के लिए सपोर्ट लगाने की जानकारी मॉडल के जरिये दी जाती है। अंतिम सांस ले रहे व्यक्ति को सीपीआर (हर्ट को पंप करने) करने तथा विभिन्न प्रकार के इंजेक्शन चमड़ी के नीचे, अंदर, मांसपेशी, नस में लगाने का प्रैक्टिकल कराया जाएगा। चमड़ी में टांका, यूरिन बैग, परिवार नियोजन के साधन लगाने का अभ्यास कराया जाएगा। बच्चे के ठोस चीज निगलने पर सपोर्ट देने तथा महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर की जांच करने के बारे में बताया जाएगा।
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कोट
मेडिकल कॉलेज में स्किल लैब स्थापित करने के लिए कार्ययोजना बना ली गई है। हॉल तैयार हो गया है। मॉडल व अन्य उपकरण मंगाने की प्रक्रिया चल रही है। बजट आते ही लैब सुसज्जित हो जाएगी। यह लैब विद्यार्थियों को चिकित्सा से संबंधित तकनीकी ज्ञान बढ़ाने के लिए बनाई जा रही है।
-डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
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