गर्भवती बताकर छह महीने इलाज किया, पेट में सूजन निकली
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छह माह से एक महिला को गर्भवती बताकर इलाज करने और टीका लगाने का मामला प्रकाश में आया है। महिला को तकलीफ बढ़ने पर जब अल्टासाउंड हुआ तो उसके पेट में सूजन निकला। महिला के पति ने लार सीएचसी के अधीक्षक के अलावा सीएमओ और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर डॉक्टर और एएनएम पर कार्रवाई की मांग की है।
लार क्षेत्र के सरैया गांव निवासी बीरेंद्र यादव की पत्नी जियक्षी देवी के पेट में दर्द महसूस हुआ तो गांव की आशा और एएनएम उसे पिछले वर्ष दिसंबर माह में लेकर सीएचसी पर आई। यहा स्टाफ नर्सों ने महिला के गर्भवती होने की बात कही। इसके बाद 27 दिसंबर को गांव में तैनात एएनएम मातृ एंव बाल सुरक्षा कार्ड बनाकर गर्भवती महिला को लगने वाला टीका लगाने लगी।
बीच में पेट में दर्द हुआ तो आशा उसे लेकर पुन: सीएचसी पर आई। यहां मौजूद एक डॉक्टर ने हजारों रुपये लेकर इलाज किया। आराम नहीं मिलने पर डॉक्टर ने 15 मई को सलेमपुर के एक अल्ट्रासाउंड पर जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट में महिला के पेट और बच्चेदानी में सूजन होने की रिपोर्ट की पुष्टि हुई। हकीकत जानने के बाद बीरेंद्र यादव ने सोमवार को सीएचसी के अधीक्षक डा. बीबी सिंह को इसकी शिकायत की है। मामले की जांच करा लापरवाह डॉक्टर और एएनएम पर कार्रवाई की मांग की है। अधीक्षक डा. बीबी सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।