संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सीएमओ कार्यालय में महत्वपूर्ण पटल पर लंबे सयम से जमे प्रशासनिक अधिकारी समेत छह वरिष्ठ सहायकों का स्थानांतर सीएचसी पर सीएमओ ने कर दिया । इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में का खींचतान चल रही थी। निजी अस्पतालों की जांच कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं करने के मामले में डीएम ने भी संज्ञान लिया था। इस आधार पर सीएमओ ने कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है।
निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों की जा रही जान और आर्थिक शोषण पर शिकंजा कसने के लिए शासन की ओर से नियम में बदलाव कर निजी अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन मार्च में निरस्त कर दिया था। इसके लिए सीएमओ के नेतृत्व में एक नोडल अफसर की तैनाती कर अस्पतालों का पंजीकरण करने के लिए मौके पर जाने तथा जिस डॉक्टर के नाम से रजिस्ट्रेशन होना है, उसके बारे में पता लगाना था।
देवरिया में नोडल अफसर और लिपिक की ओर से इतनी सुस्ती बरती गई कि निजी अस्पतालों का नए सिरे से होने वाले पंजीकरण का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। जबकि तीन महीने में इसे पूरा करने के निर्देश शासन ने दिए थे।
इस लापरवाही में निजी अस्पतालों का पटल देखने वाले वरिष्ठ सहायक राय कमलेश्वर को सीएचसी परसिया चंदौर, एनएचएम का पटल देखने वाले मनीष कुमार मिश्रा को बनकटा ब्लॉक के सीएचसी भुड़वार, प्रशासनिक अधिकारी अमित कुमार उपाध्याय को भाटपाररानी ब्लॉक के सीएचसी जसुई, सुनील कुमार, सैमुअल एडसन को सीएचसी सलेमपुर, अखिलेश कुमार दुबे को सीएचसी भटनी, शैलेंद्र कुमार सिंह को सीएचसी लार पर स्थानांतारित किया गया है।