मासूम का शव बरामद होने और हत्या की जानकारी मिलते ही उसके घर और ननिहाल में कोहराम मच गया। पिता नंदीप विश्वकर्मा, माता रिंकू देवी, नाना राजेंद्र, नानी रमावती, मौसी सोनम, मामा बैजनाथ और मामी कलावती दहाड़े मारकर रोने लगे। दोनों परिवारों का रोना देखकर सांत्वना देने आए ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई।
परिजनों का रोना देख छोटा भाई यशवीर हो गया बदहवास
गौरा निवासी नंदीप विश्वकर्मा के दो बेटे आर्यन और यशवीर थे। यशवीर तीन वर्ष छोटा है। आर्यन की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे। परिजनों को रोते देखकर मासूम यशवीर पहले तो सिसक पड़ा फिर बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगा। आसपास के लोगों ने उसको संभाल कर परिजनों को दिया। मासूम यशवीर बदहवास होकर परिजनों को रोता देखता रहा।