- कर्मचारियों के शोर करने पर डीएम ने लगाई फटकार, पसर गया सन्नाटा
-107 शिकायतों में राजस्व के 76 मामले रहे, इसमें सात शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। साहब! मेरी भी सुनिए‚ कब मिलेगा खरीदी गई जमीन पर कब्जा। गांव के कुछ दबंग नहीं होने दे रहे हैं मेरी ही भूमि पर कब्जा। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा के सामने मझौलीराज नगर पंचायत के कर्जवानी वार्ड नंबर-चार की रहने वाली निर्मला देवी ने अपनी पीड़ा रखी।
जिलाधिकारी व एसपी 11:15 बजे संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। उनके पहुंचते ही सभागार में फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अव्यवस्थाओं को देखते हुए उन्होंने एसडीएम श्याम मणि त्रिपाठी से एक–एक कर फरियादियों को अंदर बुलाने को कहा। इसके बाद एसडीएम ने फरियादियों की लाइन लगवाई। प्रवेश द्वार पर तहसीलदार अलका सिंह और राजस्व कर्मचारियों को खड़ा कराकर एक–एक को अंदर भेजने की बात कही। इसी बीच कुछ कर्मचारियों द्वारा सभागार में शोर मचाने पर डीएम स्वयं उठे और जमकर फटकार लगाई। इसके बाद सन्नाटा छा गया।
मझौलीराज से वार्ड संख्या-चार निवासी अनिल कुमार ने आवासीय पट्टे की भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग की। कहा कि कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। इंदौली गांव निवासी श्रीराम कुशवाहा ने गांव के सरकारी नलकूप की नाली ठीक कराने को कहा। नोनापार निवासी मोनू ने सलेमपुर कोतवाली में मारपीट का मुकदमा दर्ज न किए जाने की शिकायत की। इस पर डीएम ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल पहल करने की बात कही।
जिलाधिकारी ने कहा कि लेखपाल क्षेत्र में नियमित रूप से सक्रिय रहें। अधिकांश मामले राजस्व विभाग से जुड़े हैं, इनमें अधिकांश प्रकरण आठ लेखपालों के सर्किल से संबंधित थे। डीएम ने इन लेखपालों चेतावनी दी। कहा कि नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण कर जन समस्याओं का समाधान किया जाए। अगले समाधान दिवस में भी उनके सर्कल से संबंधित शिकायतें मिलीं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने लेखपालों को विभिन्न राजस्ववादों में समय से रिपोर्ट लगाने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कई प्रकरणों में लेखपालों के समय से रिपोर्ट न लगने से राजस्ववाद लंबित हैं। ऐसे लेखपालों की सूची बनाई जा रही है। उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी संकल्प शर्मा ने पुलिस विभाग से जुडे़ मामलों की सुनवाई की तथा अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को सभी मामलों का निस्तारण प्राथमिकता से करने का निर्देश दिया। इस दौरान कुल 107 शिकायतें आईं। इसमें सबसे अधिक राजस्व के 76 मामले रहे। इसमें सात शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया।