विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस पर जागरूकता गोष्ठी और शिविर का हुआ आयोजन
अनुसूचित जनजाति के स्क्रीनिंग किए गए 35 लोगों को सिकल सेल जेनिटिक कार्ड वितरित किया गया
तीन जुलाई तक चलने वाले सिकल सेल एनीमिया पखवाड़ा का हुआ शुभारंभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता के लिए विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस पर बुधवार को जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें अनुसूचित जन जाति के सिकल सेल स्क्रीनिंग किए गए 35 लोगों को सिकल सेल जेनिटिक कार्ड वितरित किया गया। राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने 19 जून से 3 जुलाई तक चलने वाले सिकल सेल एनीमिया पखवाड़ा का शुभारंभ किया।
राज्यमंत्री ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता जरूरी है। सिकल सेल एनीमिया के प्रभावी रोकथाम, प्रबंधन और उपचार के लिए प्रत्येक समुदाय और व्यक्ति को भागीदार बनकर मानवता की सेवा करनी होगी। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है। सिकल सेल एनीमिया के उपचार के महान कार्य में सभी को सहयोग करना चाहिए। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि 2047 तक सिकल सेल एनीमिया मुक्त करने के लिए लक्ष्य रखा गया है। इसे पूरा करने के लिए हम सभी को आगे आकर सरकार का सहयोग करना होगा।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है। इसके उन्मूलन के लिए हर परिवार की काउंसिलिंग और जांच की जानी चाहिए। सिकल सेल रोग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। यह रक्त को प्रभावित करने वाली बीमारी है। इस रोग के कारण रक्त कोशिकाओं के भीतर हीमोग्लोबिन का स्तर प्रभावित होने लगता है। सिकल सेल रोग सबसे आम वंशानुगत रक्त विकार है। रक्त वाहिकाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा महत्वपूर्ण है, इसकी मदद से पूरे शरीर में ऑक्सीजन का संचार होता है। एससीडी के शिकार लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
बताया कि इस रोग के कारण रक्त कोशिका का आकार अर्धचंद्राकार में बदल जाता है। ये कोशिकाओं को कठोर बना देता है। इसके अतिरिक्त, सिकल के आकार की कोशिकाएं सामान्य आकार की लाल रक्त कोशिकाओं की तरह लंबे समय तक नहीं टिक पाती हैं। इससे रोगी में लाल रक्त कोशिकाओं की निरंतर कमी बनी रहती है।
इस दौरान नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. संजय गुप्ता, एसीएमओ आरसीएच डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. कार्तिकेय पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा, डीपीएम पूनम, डीसीपीएम डॉ. राजेश गुप्ता सहित सीएचओ, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।