पड़री बाजार। क्षेत्र के बहोरवां मिश्र गांव में शुरू हुए सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन बृहस्पतिवार को कथा सुनाते हुए पं. बागेश्वर तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म में वर्णित धुंधकारी की कथा अत्यन्त प्रभावशाली है। जो बताती है कि भागवत कथा के श्रवण से घोर पापी को भी मोक्ष मिल सकता है।
कथा के अनुसार आत्मदेव नामक ब्राह्मण का पुत्र धुंधकारी कुकर्मों के कारण प्रेत बन गया है। जिसे उसके ज्ञानी भाई गोकरण ने सात दिन की भागवत कथा सुनाकर प्रेत योनी से मुक्ति दिलाई। उन्होंने कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागत कथा भक्ति और प्रेम की शिक्षा देती है। इसका महत्व बहुत अधिक है। क्योंकि यह भगवान कृष्ण के अवतार और उनकी लीलाओं के बारे मे बताता है। इस मौके पर दयाशंकर मिश्र, शृष्टिदेव मिश्र, सुशील कुमार मिश्र, त्रिलोकीनाथ मिश्र, दीपनारायण मिश्र, मारकंडेय मिश्र, लालबहादुर प्रसाद, प्रसिद्ध गोंड़, लालचंद प्रसाद आदि मौजूद रहे।