बरहज। भलुअनी कस्बा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में संगीतमयी श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को कथावाचक संतदास ने कहा कि पृथ्वी पर मर्यादा स्थापित और असुरों का वध करने के लिए श्रीनारायण को प्रभु श्रीराम के रूप में अवतरित होना पड़ा था। कथावाचक ने कहा कि रावण वेद-पुराणों का पंडित था लेकिन तामसी और आसुरी प्रवृत्ति होने के कारण वह पथभ्रष्ट हो गया था। राक्षसों के बढ़ते अत्याचार से पृथ्वी और भक्तों को मुक्त कराने के लिए प्रभु को अवतरित होना पड़ा था। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक दीपक मिश्र शाका, आचार्य प्रवीण पांडेय, अखिलेश पांडेय, रामप्रवेश मद्धेशिया, दिनेश गुप्त, शौर्य सिंह, संतोष मद्धेशिया, रामेंद्र प्रताप सिंह, विजय वर्मा, पप्पू वर्मा, जितेंद्र सागर, सरिता देवी, संध्या देवी मौजूद रहे। संवाद