बरियारपुर। क्षेत्र के प्रानपुर में श्री नारायण महायज्ञ की शुरुआत रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। इसमें 851 महिलाओं व कन्याओं ने महुआपाटन घाट स्थित गंडक नदी में कलश भरा, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।
चकबंदी उर्फ प्रानपुर के विष्णु मंदिर परिसर में बने यज्ञ स्थल पर रविवार सुबह से ही श्रद्धालु एकत्रित होने लगे यज्ञमंडप में आचार्य अश्विनी चतुर्वेदी के पूजन कराने के बाद कलश यात्रा बाजे, घोड़ के साथ निकली। इसमें 801 कलश लेकर पीत वस्त्र धारण की कन्याएं व महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। भक्ति गानों के साथ श्रद्धालु हर-हर महादेव व जय श्रीराम के जयघोष करते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा यज्ञ स्थल से निकल कर सोहनीपार, बरियारपुर, खजुरिया होकर गंडक नदी के महुआपाटन घाट पंहुची, जहां पर आचार्य अश्विनी चतुर्वेदी के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया। फिर कलश यात्रा बरियारपुर खास, चौहान टोला, बरियारपुर थाना, महदेइया, दलपीठनी और गोबराई से होते हुए यज्ञमंडप पंहुची और कलश स्थापित गया गया। ग्राम प्रधान मनीष त्रिपाठी ने कहा कि यज्ञ में सोमवार से कथा वाचक शशिकांत महाराज प्रतिदिन शाम छह से रात्रि के नौ बजे तक रामकथा का रसपान कराएंगे। यात्रा में मुख्य यजमान केदार त्रिपाठी, परमानंद त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, रामसागर त्रिपाठी, नवल किशोर त्रिपाठी, सत्यानंद त्रिपाठी, दिनकर त्रिपाठी, कृष्ण मुरारी त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल रहे।