फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीआरपी के पास उपकरण तो हैं पर जवानों का अभाव : डीजी

विज्ञापन
निरीक्षण करते डीजी जीआरपी।
विज्ञापन
देवरिया। नए बने अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन और बनारस स्टेशन पर जिस अनुपात में यात्रियों की भीड़ बढ़ी है, उसके अनुसार वहां सुरक्षा के लिए जीआरपी के जवानों की तैनाती नहीं है।
विज्ञापन

वजह यह है कि इन स्टेशनों के लिए अभी जरूरत के मुताबिक नए पद ही सृजित नहीं किए गए हैं। यही हालत लखनऊ के चारबाग समेत उन सभी स्टेशनों की है जिन्हें अमृत भारत योजना के तहत भव्य आकार दिया जा रहा है। जीआरपी के पास उपकरण तो हैं लेकिन उसके अनुरूप मानव संसाधन नहीं।
यह कहना है कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के महानिदेशक (डीजी) प्रकाश डी का। शनिवार को देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाने का निरीक्षण करने पहुंचे डीजी ने कहा कि जीआरपी यूपी में रेलवे के पांच जोन और करीब तीन हजार ट्रेनों की सुरक्षा का भार संभालती है। इन ट्रेनों में रोजाना करीब 30 लाख यात्री चढ़ते-उतरते हैं जबकि जीआरपी में अफसर से लेकर सिपाही तक कुल मिलाकर करीब छह हजार पद ही हैं।
विज्ञापन

हाईटेक जमाने में भी जीआरपी के थानों में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद नहीं है। महिला आरक्षियों की संख्या भी काफी कम है। एक सवाल के जवाब में डीजी ने कहा कि अपराध पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उसका सार्थक परिणाम भी आया है। जहर खुरानी, छिनैती और ट्रेनों में होने वाले अन्य अपराधों में कमी आई है। हालांकि, मानव तस्करी समेत कई गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे जवान नई तकनीक से लैस हो रहे हैं, स्टेशन और ट्रेन में ड्यूटी के दौरान कंधे पर लटकाने वाले उच्च क्षमता का कैमरे, माइक, ब्लूटूथ जैसी सुविधाएं उन्हें मिली हैं लेकिन पदों की संख्या कई दशक बाद भी नहीं बदली।
विज्ञापन

जीआरपी में यूपी पुलिस से तीन साल के लिए जवान आते हैं और सेवा पूरी कर चले जाते हैं। वर्तमान जरूरतों को देखते हुए पदों की संख्या बढ़ानी होगी। ­
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें