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आवासीय प्लाट पर बना दी गईं दुकानें

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आवासीय प्लाट पर बना दी गईं दुकानें
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देवरिया। शहर में नियमों की खिल्ली उड़ाते हुए आवासीय भूखंडों पर कामर्शियल भवन खड़ी करने वाले प्रापर्टी डीलरों पर कार्रवाई करने की बजाय मास्टर प्लान के अधिकारी दुकानों को क्रय करने वाले 12 लोगों को नोटिस जारी कर अपनी पीठ स्वयं थपथपा रहे हैं। वैसे नोटिस का खेल विभाग की पुरानी परंपरा है। देखा जाए तो प्रशासन की कार्रवाई अधिकतर मामलों में सिर्फ नोटिस तक ही सिमट कर रह जाती है।
शहर में अधिकारियों की सुस्ती एवं भू माफियाओं के साथ गठजोड़ की वजह से नियमों की अनदेखी की जा रही है। अवैध कब्जे और निर्माण सरेआम हो रहे हैं। शहर की हालत ऐसी हो गई है कि दस से बारह लोगों ने शहर में जहां देखिए उधर की जमीन बेचने के धंधे में जुटे हैं। जहां विवादित भूमि, मकान रहती है, उसे क्रय कर अधिकारियों से सेटिंग कर उसे बेच कर करोड़ों की कमाई करने में जुटे हैं। जहां बंजर की भूमि पर दुकान सिर्फ लगा देने पर प्रशासन केस दर्ज करा देता है, वहीं आवासीय भूमि पर डबल स्टोरी दुकानें बनाकर नियमों के विपरीत बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पा रहा है। शहर में तकरीबन 100 ऐसे मामले हैं जहां आवासीय भूखंडों पर कामर्शियल बिल्डिंग बनाए गएहैं। मास्टर प्लान ऐसे लोगों को नोटिस तो देता है, लेकिन केवल खानापूर्ति के लिए। एक भी ऐसा मामला नहीं है, जिसमें विभाग कोई कार्रवाई ध्वस्तीकरण की हाल में किया हो। जो भी हो नोटिस की भनक मिलने के बाद दुकानें क्रय करने वालों की बेचैनी बढ़ गई है। आवासीय भूखंडों पर दुकानें बनाकर बेचें जाने जैसे मनमाने कब्जे मास्टर प्लान विभाग में व्याप्त भष्ट्राचार की पोल खोल रहे हैं।
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मास्टर प्लान ने इन्हें थमाया नोटिस
सूत्रों के मुताबिक आवासीय भूखंडों पर दुकान बनाकर लोगों से 25 से 40 लाख वसूलने वालों की सेटिंग मास्टर प्लान के अधिकारियों एवं अन्य अफसरों से इतनी अच्छी है कि मास्टर प्लान ने ऐसे लोगों को नोटिस देने के बजाय उन्हें नोटिस दिया है जिनका दोष सिर्फ इतना है कि उन्होंने 25 से 40 लाख चुका कर दुकानें क्रय कर लिया है। मास्टर प्लान के जेई आरके श्रीवास्तव ने बताया कि आरबीओ अधिनियम की धारा छह और नौ में बिना अनुमति निर्माण करने वालों से 50 हजार से अधिक जुर्माना एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि शोभा देवी पत्नी मोहन, अशोक मणि पुत्र मदन मणि, रविप्रकाश पुत्र हरीलाल, सगीर अहमद पुत्र जाहिद अली, विजय कुमार, अजय कुमार पुत्र श्रीराम, अशोक कुमार पुत्र रामनाथ, सुशीला देवी पत्नी नारायण, प्रेमनाथ पुत्र स्व. रामप्रसाद, ओमप्रकाश पुत्र गुलाब सोनकर, माधुरी देवी पत्नी लक्ष्मण प्रसाद, सरोज गुप्ता पुत्र अजय कुमार, सिद्धार्थ चतुर्वेदी पुत्र रामध्यान आदि को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि इन्होंने आवासीय भूखंड पर कामर्शियल भवन बना लिया है।
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आवासीय भूखंडों पर कामर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने वाले 12 लोगों के खिलाफ आरबीओ अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है। इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई जवाब आने के बाद की जाएगी। जरूरत पड़ी तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
सौरभ सिंह
एसडीएम सदर/ नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र देवरिया
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