जब तक तक लोग पहुंचे, तब तक उजड़ चुका था शिवशंकर का घर-परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/भलुअनी। भलुअनी कस्बे के डुमरी वार्ड में शनिवार की सुबह तकरीबन पांच बजे शिवशंकर गुप्त के घर में गैस सिलिंडर के रिसाव से आग लग गई। यह देखकर वह घबरा गया। उसने पहले खुद बच्चों व पत्नी को बचाने का प्रयास किया। लेकिन, उसे कुछ सूझ नहीं रहा था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। यह देखकर शिवशंकर गुप्ता जोर-जोर से चिल्लाने लगा। चिल्लाते-चिल्लाते उसका गला भर गया। मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा। यह देखकर उसने हिम्मत जुटाकर पत्नी व बच्चों को बचाने की ठानी तब तक तेज ब्लास्ट हुआ। इससे अर्धनिर्मित कमरे के ऊपर रखा टीन शेड उड़ गया। पलभर में आंखों के सामने उसकी पूरी दुनिया उजड़ गई।
शिवशंकर के अनुसार, पांच से दस मिनट के अंदर उसकी पत्नी व तीनों बच्चे जलकर मर गए। अगर चिल्लाने के समय कोई आ जाता तो शायद उसके बच्चे व पत्नी की जान बच जाती। इस बात की कसक उसे खाए जा रही थी। वह बार-बार आसपास के लोगों को कोस रहा था। वह बस यही कहे जा रहा था कि पड़ोस के लोग दुश्मन से भी बदतर निकले। आंखों के सामने मेरा आशियाना उजड़ रहा था, लेकिन एक भी व्यक्ति नहीं पहुंचा।
डुमरी गांव के लिए शनिवार का दिन अशुभ साबित हुआ। ग्रामीण शनिवार की सुबह उठकर अपनी दिनचर्या की शुरुआत करने ही वाले थे कि गांव के बाहर जोरदार धमाका सुनाई दिया। जो जिस हालत में था, भागते हुए गांव के बाहर पहुंचा तो पता चला कि शिवशंकर गुप्ता के घर में धमाका हुआ है। मौके पर पहुंचे तो देखा कि शिवशंकर गुप्ता बदहवास हालत में बाहर जमीन पर पड़ा था। कमरे में आग की लपटें उठ रही थीं। चारों ओर धुआं फैला था। इसके बाद लोग आग बुझाने में जुट गए। काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों ने कमरे में लगी आग पर काबू पाया।
इसके बाद कमरे में देखा तो लोगों का कलेजा दहल गया। गैस सिलिंडर फटने के कारण तीनों बच्चों और उनकी मां के शव कमरे में जहां-तहां पड़े थे। इस हृदयविदारक घटना को देखकर लोगों की आखें नम हो गईं।
डुमरी निवासी शिवशंकर गुप्त चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। वह वार्ड के बाहर घोठे पर निर्माणाधीन मकान में एस्बेस्टस की छत डाल कर परिवार के साथ रहते हैं। वह पावरोटी बेचने जाने के लिए तैयारी कर रहे थे। कमरे में आंचल, सृष्टि और कुंदन सोए हुए थे। कमरे में ही रखे गैस सिलिंडर पर आरती चाय बनाने जा रही थीं। उन्हें क्या पता था कि मौत परिवार पर कहर बनकर टूट पड़ेगी। बताया जा रहा है कि ज्योंहि आरती ने गैस चूल्हे पर लाइटर ऑन किया। इसी बीच आग की लपट पाइप से होते हुए सिलिंडर तक पहुंच गई। जब तक वह कुछ समझ पातीं सिलिंडर ब्लॉस्ट कर गया। इससे बच्चों समेत आरती की मौत हो गई। शिवशंकर के पिता को जब पता चला कि बड़े बेटे के यहां हादसा हो गया है तो वह अन्य बेटों व परिवार के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। घटना के बाद सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
शादीशुदा बड़ी बेटी का रो-रोकर बुरा हाल
बरहज/भलुअनी। भलुअनी कस्बे के डुमरी वार्ड में सिलिंडर ब्लास्ट की घटना ने शिवशंकर गुप्त की दुनिया उजाड़ दी। उसके परिवार में उसे व एक विवाहित बेटी को छोड़कर कोई नहीं बचा। उसके सामने ही उसकी पत्नी, एक बेटे और दो बेटियों की जलने से मौत हो गई। पत्नी के चिल्लाने की आवाज बार-बार उसके कानों में गूंज रही है। बेटे व बेटियों की आवाज उसे साल रही है कि वह उन्हें नहीं बचा सका। बदहवास शिवशंकर को जब होश आ रहा था तो वह पत्नी व बेटे-बेटियों को याद कर रोए जा रहा था। इधर, महिलाओं के बीच मौजूद उसकी बड़ी बेटी कंचन देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह चारों को याद कर रोए जा रही थीं। उसकी शादी तीन वर्ष पूर्व शिव शंकर प्रसाद ने धूमधाम से खामपार के माधव छपरा में की थी।