खुखुंदू मठिया प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर सावन के अंतिम सोमवार को पूजन अर्चन करते
देवरिया। सावन माह के अंतिम सोमवार पर मठिया शिवमंदिर परिसर में भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में शिवभक्तों का रेला उमड़ा। पूरा दिन हर-हर महादेव के जयघोष से शिवालय गूंजता रहा। तीनों मंदिरों में दिनभर रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन चलता रहा।
प्राचीन शिव मंदिर खुखुंदू के मठिया में पांच शिवलिंग स्थापित हैं। जिनमें तीन अलग-अलग मंदिरों और दो चबूतरों पर स्थापित हैं। स्थानीय विद्वानों और मंदिर के पुजारी वीरभद्र गिरी के मुताबिक यहां के सभी शिवलिंग त्रेता युग के हैं। सावन माह और महाशिवरात्रि में यहां भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए बिहार प्रांत से भी भक्त आते हैं। मंदिर पर रुद्राभिषेक का बड़ा ही महत्व है। मनोकामनाएं पूर्ण होने पर शिवभक्त यहां भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक कराते रहते हैं। सावन माह के अंतिम सोमवार को मंदिर परिसर में मेला जैसा माहौल रहा। बड़ी संख्या में शिवभक्त भोले नाथ का दर्शन करने पहुंचे थे। भोर से ही मंदिर परिसर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतारें भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए लगी हुईं थीं। दिनभर रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम भी चला। पूरा क्षेत्र हर हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
शिवमंदिरों में गूंजते रहे जयकारे
भाटपार रानी। सावन मास के आठवें और अंतिम सोमवार को बाणासुर द्वारा स्थापित बाबा हंसनाथ धाम सोहगरा शिव मंदिर, स्वयंभू दिगंबर नाथ मंदिर भिंगारी बाजार सहित क्षेत्र के खैराट,सवरेजी, सरया, बर ईपार बाबू,भवानी छापर आदि शिवमंदिरों में तड़के से ही जलाभिषेक के लिए बिहार तक के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। शिवमंदिर दिनभर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजते रहे। संवाद