फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड ओपीडी के पास शिफ्ट, मरीजों को जांच में होगी आसानी

Tue, 09 May 2023 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
अल्ट्रासाउंड कछ में जांच करते रेडियोलाजिस्ट।संवाद
विज्ञापन
मेडिगोलीगल के लिए पीड़ित व पुलिस कर्मियों को भटकना नहीं पड़ेगा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन से एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड को ओपीडी के पास शिफ्ट कर दिया गया है। इससे मरीजों को जांच कराने में आसानी होगी, उन्हें जांच के लिए दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। वहीं मुकदमा दर्ज कराने के लिए एक्स-रे मेडिगोलीगल के लिए पीड़ित व पुलिस कर्मियों को भटकना नहीं पड़ेगा। यहां रेडियोलाजिस्ट, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड के अलग-अलग कमरे उपलब्ध हैं।
मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में एक ही स्थान पर एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच होती थी। बड़े कमरे में एक्स-रे मशीन, र्पोटेबल एक्स-रे मशीन तथा एक रेडियोलाॅजिस्ट और अल्ट्रासाउंड के लिए एक छोटा कमरा था। यहां तक पहुंचने के लिए बड़े कमरे से होकर ही जाना होता था, यहां तक व्हील चेयर और स्ट्रेचर नहीं पहुंच पाता था। वहीं ओपीडी के मरीजों को भटकना पड़ता था, जबकि वार्ड में भर्ती मरीज को दूरी तय करनी पड़ रही थी। इस समस्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने महिला अस्पताल के पुरानी इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया है। यहां रेडियोलाजिस्ट, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, र्पोटेबल एक्स-रे, ड्राक रूम, फार्मासिस्ट के लिए अलग-अलग कमरा उपलब्ध कराया गया है। अब यहां व्हील चेयर और स्ट्रेचर के मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच में आसानी होगी। वह सीधे कक्ष तक पहुंच जाएंगे और भीड़ भी नहीं होगी। यहां हर रोज 40 से 50 अल्ट्रासाउंड जांच, 30 से 35 मेडिगोलीगल एक्स-रे होता है और रेडियोलाॅजिस्ट रिपोर्ट देते हैं।
विज्ञापन

-
यह मिलती है सुविधा
महिला अस्पताल के पुरानी इमरजेंसी में एक्स-रे सेंटर शिफ्ट हो गया है। यहां पुलिस केस करने के लिए मेडिगोलीगल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड होगा। वहीं अन्य मरीजों की भी अल्ट्रासाउंड जांच की जाएगी।

अल्ट्रासाउंड कक्ष तक पहुंच सकेगा स्ट्रेचर
नए स्थान पर स्थापित होने के बाद मरीज को कक्ष तक पहुंचने में आसानी होगी। वहां स्ट्रेचर और व्हील चेयर पर मरीज को ले जाया सकता है। मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में अल्ट्रासाउंड कक्ष तक पहुंचने में मरीज को दिक्कत होती थी। स्ट्रेचर और व्हील चेयर में मरीजों को उठा कर ले जाना पड़ता था।
विज्ञापन


-पुराने भवन में कमरा कम होने से परेशानी हो रही थी। ओपीडी के पास महिला इमरजेंसी में पर्याप्त कमरे हैं। मरीजों और कर्मचारियों की सहूलियत को देखते हुए वहां शिफ्ट किया गया है।
डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें