दो सप्ताह से एक घर में ठहरे हैं शाहीनबाग से आए 13 मौलाना
देवरिया। खजुरी गांव के एक शिक्षक के घर दिल्ली से आए 13 मौलाना कई दिनों से रह रहे हैं। प्रशासन को बुधवार को इसकी भनक तक लगी जब किसी ने बताया कि तब्लीगी मरकज दिल्ली से कुछ लोग आए हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पूछताछ में पता लगा कि मौलाना कई दिनों से आए हैं और उन्हें तीन कमरों में क्वारंटीन किया गया है। इतने दिन बीतने के बाद भी किसी मौलाना की जांच नहीं हो पाई है। पुलिस ने इसकी जानकारी एडिशनल सीएमओ को दी तो उन्होंने टीम भेजकर जांच कराने का आश्वासन दिया। उधर इसकी जानकारी होते ही गांव के लोगों को भय सताने लगा है।
ग्रामीणों की मानें तो खजुरी गांव पहुंचने से पहले मौलाना दिल्ली, प्रयागराज समेत विभिन्न जगहों का छह जगहों तक भ्रमण कर चुके हैं। 17 मार्च से वह खजुरी गांव निवासी शिक्षक समीउल्लाह के घर ठहरे हैं। प्रशासन के कहने के बावजूद इनके बारे में किसी ने सूचना नहीं दी। पहले तो गांव में तब्लीगी जमात से आने की अफवाह फैली। बाद में पुलिस की पूछताछ में पता लगा कि सभी मौलाना दस मार्च को दिल्ली के शाहीन बाग से चले थे। 11 को प्रयागराज पहुंचे। सात दिन भ्रमण के बाद वह 17 मार्च को खजुरी गांव में पहुंचे। दो सप्ताह से समीउल्लाह के घर ठहरे हैं, लेकिन इसकी भनक आसपास के लोगों को नहीं लगी। शिक्षक की ओर से सभी मौलानाओं को घर में क्वारंटीन करने का दावा किया जा रहा है। एसओ श्यामसुंदर तिवारी ने कहा कि एडिशनल सीएमओ को जानकारी दी गई है। उन्होंने जांच टीम भेजने का आश्वासन दिया है।
शिक्षक के घर ठहरे हैं ये मौलाना
शिक्षक के घर ठहरे मौलानाओं के नाम मोहम्मद निजामुद्दीन, लियाकत, मोहम्मद मुस्लिम, राशिद अली, मोहम्मद अनवर, मोहम्मद फइम, वसीम, सुहेल, दानिश, जावेद, नासिर, गुड्डू, शहजाद हैं।