देवरिया। डेंगू के मरीजों का एक तरफ जहां ठीक होने का सिलसिला चल रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ नए मरीजों की संख्या में कमी आती नहीं दिख रही है। शुक्रवार को छह मरीज स्वस्थ हुए तो वहीं सात नए मरीज भर्ती किए गए। सभी मरीजों का एलाइजा जांच के लिए नमूना भेजा गया है। वहीं एक की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया है।
डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। इसकी जद में खासकर गैर प्रांत में काम कर रहे लोग ही आ रहे हैं। भाटपाररानी क्षेत्र का एक युवक पटना में रहता है। वहां पांच दिन से बुखार से पीड़ित था। सोमवार को घर आया। परिजन उसे निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां की दवा से कोई आराम नहीं मिला। इसके बाद महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी पहुंचा, जहां डेंगू वार्ड में भर्ती कर दिया गया। पथरदेवा क्षेत्र की एक बालिका को दस दिन से बुखार आ रहा है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है। कुशीनगर के हाटा क्षेत्र के एक व्यक्ति पांच दिन से बुखार से पीड़ित हैं। आराम नहीं मिलने पर परिजन लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। भटनी का एक युवक पटना में रहता है। सोमवार की शाम बुखार से पीड़ित होने पर दवा लिया, लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद बुधवार को घर आ गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया। खामपार क्षेत्र की महिला पांच दिन से बुखार से पीड़ित है। पीएचसी भाटपाररानी में डॉक्टर ने जांच कराई गई। रिपोर्ट आने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। तरकुलवा क्षेत्र का एक व्यक्ति दस दिन से बुखार से पीड़ित है। आराम नहीं मिला तो सीएचसी गया जहां से डॉक्टर ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज भेज दिया। सलेमपुर क्षेत्र की एक महिला पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसे मेडिकल काॅलेज में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में इलाज दवा और जांच की निशुल्क सुविधा है। अलग से वार्ड बनाया गया है। लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें, तत्काल डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराएं।
फुलवरिया में डेंगू के छह मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। विकास खंड के फुलवरिया गांव में डेंगू के छह मरीज सामने आए हैं। जिनका उपचार मेडिकल काॅलेज में चल रहा है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीज मिलने से गांव में दहशत फैल गई है। अब तक गांव के नौ लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। कुछ का इलाज देवरिया मेडिकल कॉलेज व कुछ का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
परिजनों ने बताया है कि पहले इन्हें बुखार हुआ। दवा लेने पर कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में धीरे-धीरे चक्कर आने लगा। शरीर में कमजोरी महसूस होने लगी और पूरे बदन में दर्द बढ़ने लगा। पीएचसी भाटपाररानी पहुंच कर जब इन लोगों की जांच कराई गई तो डॉक्टर ने बताया कि ये डेंगू की चपेट में हैं। डॉक्टर ने इनका प्लेटलेट्स काफी घटा हुआ बताया और देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसमें कई लोगों का इलाज गोरखपुर मेडिकल कालेज में चल रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से छिड़काव एवं गांव में स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। पीएचसी के प्रभारी डॉ. इमाम हुसैन सिद्दीकी ने बताया कि गांव के कुछ लोगों की यहां जांच की गई तो उनके अंदर डेंगू के लक्षण पाए गए। गांव में दवा की छिड़काव की व्यवस्था की जा रही है।
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मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, नहीं हो रहा दवा का छिड़काव बढ़ी परेशानी
- ग्रामीण क्षेत्र के लोग को सता रहा मच्छर जनित बीमारियों का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। बरसात के सीजन में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव न होने से बीमारी आसानी से फैल रही है। ग्रामीण इसे लेकर काफी परेशान हैं।
पहले ब्लाॅक स्तर से स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव किया जाता था। दवाओं के असर से मच्छरों की बढ़ती तादात पर रोक लग जाता था। इधर कुछ वर्षों से ब्लाॅक स्तरीय टीम व स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव बंद कर दिया है। वहीं बरसात के दिनों में मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है। इसके कारण बीमारी तेजी से फैल रही है। दवाओं का छिड़काव नहीं होने से इनकी संख्या दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ रही है। गरीब और मजदूर किस्म के लोगों के यहां प्रत्येक व्यक्ति के लिए मच्छरदानी उपलब्ध नहीं है। नतीजतन ऐसे परिवारों के लोग मच्छरों का डंक झेलने को मजबूर हैं। आदमी कौन कहे पशु भी मच्छरों के प्रकोप से बेहाल है । पशुपालक शाम को कितना भी मच्छर भगाने का उपाय करते हैं, लेकिन वह कुछ देर तक ही कारगर रहता है। वहीं विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि खामोश हैं। उप जिलाधिकारी अंगद यादव ने कहा कि मच्छरों से निजात के लिए तहसील क्षेत्र में संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है।