देवरिया। विदेश भेजने के नाम पर फर्जी वीजा, कैंसिल टिकट देकर जालसाजी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। छह दिन पहले कोतवाली में विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी का एक अलग ही मामला दर्ज हुआ है। इसमें जालसाज युवक के परिजनों को झांसे में लेता हैं। इसके बाद इलेक्ट्रिशिएन ट्रेड से सउदी अरब भेजने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये वसूलता है। पासपोर्ट, फ्लाइट टिकट, बीजा तथा कंपनी का इलेक्ट्रिशियन ट्रेड एग्रीमेंट का कागजात देकर विदेश भेज देते हैं। जहां युवक से एग्रीमेंट के अनुसार कार्य न लेकर घरेलू कार्य लिया जा रहा है। कार्य नहीं करने पर युवक को प्रताड़ित भी किया जा रहा है। युवक ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने जब एजेंट से संपर्क किया तो उनका कहना था कि एग्रीमेंट का नहीं होता कोई मायने, हां जो भी कार्य लेना चाहे वह लोग ले सकते है। इसके बाद परिजनों ने दोनों एजेंट के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दिए गए तहरीर में बरियापुर के सरौरा गांव निवासी छोटेलाल यादव पुत्र शिवचन्द यादव ने कहा है कि दूरभाष पर विदेश भेजने वाले दो एजेंट सरताज तथा जुबेर आलम खान से बात हुई। सरताज ने बताया कि जुबेर आलम खान को देवरिया भेज रहा हूं आप अपने भतीजे कृष्ण मोहन का पासपोर्ट एवं टोकन मनी (एडवांस पैसा) दे दीजिएगा। इसके बाद मेरी मुलाकात जुबेर आलम खान से तहसील रोड, अबूबकर नगर में हुई। उक्त व्यक्ति ने बताया कि प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को देवरिया आता हूं तथा विदेश जाने वाले अभ्यर्थी आते हैं और अपना सारा कागजात व रुपया पैसा भी देते हैं। जुबेर आलम खान ने कहा कि मैं अभ्यर्थियों का काम कराकर देवरिया कागजात लाकर सौंप देता हूं या दिल्ली अपने आवास पर बुला कर कागजात दे देता हूं। जिससे लोगों की फ्लाइट हो जाती है। मैंने उक्त व्यक्ति पर विश्वास कर सरताज के कहने पर अपने भतीजे कृष्ण मोहन का पासपोर्ट व अन्य कागजात तथा 30,000 हजार रुपये नगद दे दिया। उक्त व्यक्ति ने कहा कि कंपनी में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड से सउदी अरब जाने के लिए तीस हजार रुपये के अतिरिक्त एक लाख बीस हजार रुपया और लगेगा। इसके बाद आपका भतीजा विदेश चला जाएगा। इसके बाद मैंने 28 अगस्त को सरताज के भेजे हुए स्कैनर पर तीस हजार रुपयये व जुबेर आलम खान के खाते में 25 सितंबर को चालीस हजार रुपयये भेज दिया। इसके बाद शेष 50,000 पचास हजार रुपयये सरताज के कहने पर मोनिस खान के खाते में ऑनलाइन भेज दिया। कुल 1,50,000 रुपये उन लोगों को भेज दिया गया। रुपये पाने के पश्चात दोनों ने मेरे भतीजे को दिल्ली बुलाया और पासपोर्ट, फ्लाइट टिकट, वीजा तथा कंपनी का इलेक्ट्रिशियन ट्रेड एग्रीमेंट का कागजात दिया। मेरा भतीजा कृष्ण मोहन उक्त कागजात के साथ चार अक्टूबर को दिल्ली से फ्लाइट से सउदी अरब चला गया। जहां मेरे भतीजे से एग्रीमेंट के अनुसार कार्य नहीं लिया जा रहा था बल्कि घरेलू कार्य लिया जा रहा था। कृष्ण मोहन ने बताया कि एग्रीमेंट के अनुसार यहां काम नहीं लिया जा रहा है, बल्कि घरेलू कार्य करने के लिए उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके बाद मैंने उक्त एजेंट से दूरभाष पर संपर्क किया तो उक्त लोगों कहा कि इस तरह का एग्रीमेंट बहुत होता है, वहां जो भी कार्य लेना चाहे वह लोग ले सकते हैं। ऐजेंटों ने जाली व फर्जी एग्रीमेंट दिए। यह एजेंट एफके इन्टरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, 10 सतनाम पैलेस, क्लयेर रोड, भाईखाला, मुम्बई, महाराष्ट्र से विदेश भेजने का कार्य करते है। इनके खिलाफ स्थानीय थाने में सूचना दिया परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुआ। इसके थकहार पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई। कोतवाल दिलीप सिंह ने कहा कि तहरीर मिली है। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।