रंग महोत्सव को संबोधित कर रहे थे साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. तिवारी
-अभियान थिएटर द्वारा आयोजित पांच दिवसीय रंग महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. विश्वनाथ तिवारी ने कहा कि भारतीय समाज के निर्माण में संवेदनशील साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नाटकों को हमेशा ही अन्य साहित्यिक विधाओं से बहुत ऊपर और महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। नाटक के अभिनय पक्ष को बारीकी से समझाते हुए उन्होंने अरस्तू, भारतमुनि, केशव चंद्र सेन व कालिदास का उदाहरण देते हुए कहा कि नाटक रामायण और महाभारत से भी बहुत पहले से मंचित होते आए हैं।
वह बुधवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में रंगमंच और मानवता विषय पर रंग-विमर्श के साथ पांच दिवसीय रंग महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यसभा सदस्य डाॅ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने अकबर और महाराणा प्रताप के जीवन से संबद्ध अनेकों साहित्यिक प्रसंगों का उदाहरण देते हुए साहित्य के समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
महापौर डाॅ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि इस कार्यक्रम को गोरखपुर में एक नए युग के सूत्रपात के रूप में देख रहा हूं। मध्यप्रदेश स्कूल आफ ड्रामा के अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने गोरखपुर के रंगकर्म और रंगकर्मियों की प्रशंसा की। स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन राय व नारायण पांडेय ने और आभार ज्ञापन विजेंद्र नारायण ने किया। इस दौरान तमाम गणमान्य लोग व रंगकर्मी मौजूद रहे।
राजेंद्र गुप्ता व हिमानी शिवपुरी के शानदार अभिनय ने मोहा मन
रंग महोत्सव में नाट्य महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को जीना इसी का नाम है नाटक से हुई। ड्रामा टाॅकीज बांबे की प्रस्तुति में राजेंद्र गुप्ता व हिमानी शिवपुरी ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का मनमोह लिया। उन्होंने अपने नाटक के जरिये उदास जिंदगी में रंग भरने के गुर सिखाए।
रंग महोत्सव के दूसरे दिन होगी बिदेसिया की प्रस्तुति
आयोजन समिति के मीडिया समन्वयक नवीन पांडेय ने बताया कि रंग महोत्सव के दूसरे दिन रंग विमर्श के अंतर्गत रंगमंच का अभिनेता और उसका भविष्य विषय पर चर्चा होगी जिसमें बतौर अतिथि संजय उपाध्याय, पूर्व निदेशक मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय भोपाल मौजूद रहेंगे और वार्ताकार होंगे डॉक्टर शैलेश श्रीवास्तव। श्री पांडेय ने बताया कि विमर्श के बाद भिखारी ठाकुर द्वारा लिखित बिदेसिया की प्रस्तुति होगी। नाटक के दौरान पुष्प दंत जैन, प्रो. चितरंजन मिश्र, प्रो. आरडी राय, प्रो. भरत भूषण, कुमार हर्ष, आरडी सिंह, विनोद सिंह, श्रीकांत शरण त्रिपाठी, सुरहिता करीम, विजहत करीम, राकेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।