देवरिया। ग्राम पंचायत सचिवों ने बुधवार को गांव-गांव साइकिल से भ्रमण कर सरकार द्वारा लागू की जा रही ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था का विरोध किया। सचिवों का कहना है कि तकनीकी संसाधनों की कमी और नेटवर्क समस्या के बीच ऑनलाइन उपस्थिति लागू करना जमीनी हकीकत से परे है, जिससे ग्रामीण कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
सुमित मिश्रा, संदीप यादव, हरेंद्र मौर्या, कमलेश यादव, नीरज सिंह, नागेश प्रताप सिंह, आलोक सिंह, जमील हुसैन आदि सचिवों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो 15 दिसंबर को सभी सचिव अपने-अपने कार्यालयों में जमा डोंगल वापस कर देंगे, जिससे कामकाज बाधित रहेगा। सचिवों ने बताया कि वे पहले भी कई बार इस मुद्दे पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। साइकिल यात्रा के दौरान सचिवों ने ग्रामीणों को भी स्थिति से अवगत कराया और बताया कि नेटवर्क समस्या के चलते कई बार उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का खतरा बना रहता है। सचिव संगठन के जिला पदाधिकारियों ने कहा कि वे शासन को ज्ञापन भेजकर व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराएंगे। इस दौरान उन्होंने 15 दिसंबर को प्रस्तावित आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।