सलेमपुर। लार ब्लॉक के पड़री गजराज में पंचायत भवन निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन की खरीदारी में हुई हेरफेर के मामले की जांच एसडीएम दिशा श्रीवास्तव शुरू कर दी हैं। मंगलवार को एसडीएम ने दोनों पक्ष को अपने ऑफिस बुलाकर साक्ष्य संकलन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचकर जांच करने की बात कही। जिसके बाद दोनों में हड़कंप मचा हुआ है।
वायरल वीडियो में माया देवी नामक एक महिला ने बताया कि पंचायत भवन के लिए उसकी वरासत की भूमि का 20 मई 2025 को बैनामा कराया गया था। बैनामे के बाद उसके बैंक खाते में 66.67 लाख रुपये की धनराशि आई, लेकिन उसी दिन यह रकम वापस चली गई। महिला का आरोप है कि 8 जुलाई 2025 को दोबारा उसके खाते में पैसा आया। इसके बाद 11 जुलाई को प्रधान प्रतिनिधि रामप्रताप ने 15 लाख रुपये नकद निकाले और 10 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। 14 जुलाई को भी 15 लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए गए।
सोमवार को वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने महिला का बैंक खाता चेक कराया। ग्रामीणों का कहना है कि खाते की प्रविष्टियों से महिला के दावे की पुष्टि होती है। इसके बाद प्रधान प्रतिनिधि के खिलाफ चर्चाएं तेज हो गईं। उधर इस मामले में पं. जवाहर लाल कृषक इंटर कॉलेज के प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पड़री गजराज स्थित आराजी संख्या 34 (रकबा 0.081 हेक्टेयर) और आराजी संख्या 25 (रकबा 0.0400 हेक्टेयर) की भूमि को फर्जी तरीके से वरासत दर्ज कराकर पंचायत भवन के नाम बैनामा किया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने मंगलवार को दोनों पक्ष ले लोगों की बात सुनी। जिसमें माया देवी नामक महिला का बयान भिन्न मिला। जिसके बाद एसडीएम ने अगले दिन गांव पहुंचकर जांच करने की बात कही।
मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है, मंगलवार को दोनों पक्ष का सुना गया, लेकिन महिला की बातों में भिन्नता पाई गई। दोनों पक्ष के कागजात लेकर जांच किया जा रहा है। बैनामे के बाद पैसा में हेरफेर दिख रहा है। गांव पहुंचकर मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिशा श्रीवास्तव एसडीएम सलेमपुर