देवरिया। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजार और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सड़क किनारे लग रहे ठेले और दुकानें यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ रहे हैं। इससे सड़क सिकुड़ रही है।
हनुमान मंदिर, सुभाष चौक, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन और प्रमुख बाजार में व्यस्त समय में सड़क का बड़ा हिस्सा खड़े वाहनों के कब्जे में चला जाता है।
ठेले भी अस्थाई रूप से रोज ही सड़कों पर देखे जा रहे हैं। इससे चलने वाले वाहनों के लिए जगह कम पड़ती है और थोड़ी भीड़ बढ़ते ही कतार लगने लगती है। सबसे अधिक परेशानी वहां होती है, जहां ऑटो और ई-रिक्शा चालक सड़क पर वाहन रोककर सवारी बैठाते और उतारते हैं।
सुभाष चौक शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में शामिल है। यहां कसया की ओर से आने वाले वाहन मुख्य मार्ग पर मिलते हैं। सड़क किनारे ऑटो और ई-रिक्शा खड़े होने से वाहनों को निकलने के लिए कम जगह मिलती है। रेलवे स्टेशन और रोडवेज के आसपास भी यात्रियों के इंतजार में बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा सड़क किनारे खड़े दिखाई देते हैं।
बसों के आने-जाने के समय इन स्थानों पर यात्रियों और वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। स्टेशन रोड और रोडवेज क्षेत्र में निजी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग भी यातायात की रफ्तार धीमी करती है। शहर में पहले भी सड़क किनारे खड़े वाहनों, अतिक्रमण और जहां-तहां सवारी भरने वाले ई-रिक्शा को जाम की प्रमुख वजहों में गिना जा चुका है।
यातायात पुलिस लगातार अभियान चलाकर सड़क पर खड़े होकर सवारी भरने वाले वाहनों पर कार्रवाई कर रही है। सोमवार को भी रुद्रपुर मोड़, बस स्टैंड, मालवीय रोड और कसया ओवरब्रिज पर सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाली बसों, ऑटो और ई-रिक्शा की जांच की गई। अभियान में कुल 136 वाहनों का चालान हुआ और दो वाहन सीज किए गए।
इससे पहले भी नो-पार्किंग और सड़क पर अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद प्रमुख चौराहों और बाजारों में अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या बनी हुई है।
ई-रिक्शा की संख्या बढ़ने के साथ इनके लिए तय स्टैंड और व्यवस्थित ठहराव की जरूरत है। पुलिस ने ई-रिक्शा और चालकों की पहचान के लिए क्यूआर कोड आधारित सत्यापन व्यवस्था शुरू की है, लेकिन यातायात की समस्या केवल पहचान तक सीमित नहीं है।
स्टेशन और रोडवेज के आसपास वाहन कहां खड़े होंगे, सवारी कहां बैठाई जाएगी और निजी वाहनों के लिए पार्किंग कहां होगी, इसकी व्यवस्था प्रभावी होने पर ही सड़क किनारे खड़े वाहनों से होने वाले जाम में कमी आ सकती है।