भागलपुर। सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के किसानों को कटान का डर सताने लगा है।
पानी कम होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन बाढ़ की दुश्वारियां अभी कम नहीं हुई हैं। कई स्थानों पर पानी रहने के कारण ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारे के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
नदी का पानी घटने के साथ ग्राम पंचायत देवसिया और छित्तूपुर के बीच कटान का खतरा बढ़ गया है। खेतों के किनारे मिट्टी कटने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें फसलों और कृषि भूमि को नुकसान होने का अंदेशा सता रहा है।
सरयू की बेलगाम लहरें अभी भी बंधों से टकरा रही है। इसको लेकर ग्रामीणों ने कटान वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और जरूरी इंतजाम करने की मांग की है।
समस्या को देखते हुए एसडीएम बरहज शशीकांत मणि ने निर्देश दिया है कि सभी बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी अनवरत तैनात रहेंगे। ड्यूटी से गायब रहने या लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
केन्द्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार मंगलवार शाम 4 बजे नदी का जलस्तर गेज पर 64.18 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 17 सेमी ऊपर है।
पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 12 सेमी की कमी तुर्तीपार गेज पर रिकार्ड की गई है।
अभी आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार नदी के जलस्तर में कमी हो रही है।
केंद्रीय जल आयोग के जेई राजेश राव ने कहा कि नदी के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। अगले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में कमी होने का अनुमान है। गेज पर निगरानी रखी जा रही है।