-बधों पर रेनकट बने मुसीबत, मरम्मत कराने में जुटा विभाग
- तटवर्ती गांवों के लोगों को सता रही बाढ़ की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। मानसून के दस्तक देने के बाद नौ दिनों से रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि सरयू में सैलाब उमड़ ने से 24 घंटे में नदी के जलस्तर में एक मीटर की बढ़त दर्ज की गई है। बारिश से बंधों पर जहां रेनकट मुसीबत बने हैं। हालांकि विभाग बंधों की मरम्मत कराने में जटा हुआ है, लेकिन जलस्तर में हो रही वृद्धि को लेकर लोग बाढ़ की विभीषिका को लेकर सहमे हैं।
सरयू नदी के जलस्तर में दिन-प्रतिदिन तेजी से वृद्धि हो रही है। सुबह आठ बजे नदी 64.70, जबकि शाम चार बजे 65.10 मीटर पर बह रही थी। आठ घंटे में नदी 40 सेमी की बढ़त बना रही है। वहीं 24 घंटे में नदी के जलस्तर में एक मीटर की बढ़त दर्ज किया गया है। कटइलवा के जवाहिर यादव, चंदन, रामाश्रय, दियारा के मंजनाथ, मोदी यादव आदि का कहना है कि एक ओर बारिश से जहां जीवन मुहाल हो गया है। वहीं नदी का बढ़ता जलस्तर बाढ़ की संभावनाओं को प्रबल कर रहा है।
दिन-प्रतिदिन जलस्तर में हो रही बढ़त से नींद उचट गई है। लोगों का यह भी कहना है कि बाढ़ आई तो गांवों में तबाही मच सकती है। नौ दिनों से हो रही बारिश से कटइलवा से कपरवार संगम तट, मोहरा-केवटलिया-महेन तटबंध पर जगह-जगह रेनकट हो गए हैं। सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने जेई नागेंद्र सिंह के साथ बंधों का निरीक्षण किया। हालांकि विभाग की ओर से रेनकट का मरम्मत कार्य शुरु करा दिया है।
कोट-
भारी बारिश से बंधों पर रेनकट हो गए हैं। जिन्हें भरवाने का कार्य कराया जा रहा है। रही बात जलस्तर बढ़ने की, तो नदी अभी और ऊपर जाएगी। घबराने की कोई बात नहीं है।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग