बरहज थाना घाट पर पक्के घाट की डूबी सीढियां संवाद
सलेमपुर। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश और नेपाल के बैराज से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते सरयू के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार दोपहर तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 64 मीटर 75 सेमी दर्ज किया गया, जो खतरे निशान से 45 सेमी ऊपर है। इससे तटवर्ती इलाकों में फिर हलचल तेज हो गई है, लोग सहमे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के कर्मचारियों के अनुसार नदी के जलस्तर में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 43 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार दोपहर से नदी में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी शुरू हुई थी, जो शुक्रवार दोपहर से दो सेमी प्रति घंटे की हो गई। शनिवार की दोपहर नदी का जलस्तर 64 मीटर 75 सेमी पर पहुंच गया, जो रेगुलेटर पर अंकित खतरे के निशान 64 मीटर 30 सेंटीमीटर से 45 सेमी ऊपर है। पिछले हफ्ते नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच कर लौट गई थी, जिससे तटवर्ती गांव के लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन दोबारा नदी में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से तटवर्ती लोग एक बार फिर सहम गए हैं। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर तेजी से फैलने लगा है। बरहज के तहसीलदार अश्वनी कुमार ने बताया कि मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तहसील कर्मचारियों को 24 घंटे मौजूद रहने को कहा गया है।