देवरिया। लग्जरी वाहन चुराने वाला गिरोह ने इधर नया तरीका इजाद किया है। वाहनों में लगे जीपीएस को हैक कर आराम से वाहन को महफूज ठिकाने पर पहुंचा दे रहे हैं। पुलिस ऐसे वाहनों का लोकेशन नहीं पता कर पा रही है।पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से लग्जरी वाहनों को चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होकर वाहन चुरा रहा हैं। गिरोह वाहनाें में लगे जीपीएस सिस्टम को हैक कर ले रहे हैं, ताकि वाहन का लोकेशन न मिल सकें। इसके बाद गैर प्रांत में वाहन लेकर चले जा रहे हैं। यहां तक की नेपाल, म्यमांर देशों में वाहन भेज दिया जा रहा है। इसका प्रमाण सात माह पहले कोतवाली पुलिस के खुलासे में हो चुका है। अक्सर यह देखने को मिलता है कि वाहन स्वामी लाॅक और जीपीएस के भरोसे रात में दरवाजे पर वाहन छोड़ देते हैं। ऐसे वाहनों की रेकी कर वाहन चोर मौका मिलते ही उड़ा ले रहे हैं।
इन खुलासों से गिरोह के बारे में पता चला
करीब सात माह पहले कोतवाली पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया था। इस गिरोह में बिहार, असम, के वाहन चोर शामिल थे। इनके पास से एक्स टूल पैड, एक्स टूल का चार्जर, एक्स टूल स्कैनर डिवाइस, ईसीएम डिवाइस स्कैनर, डेरोडिंग मशीन (लग्जरी वाहनों का), जीपीएस जैमर के जरिये वाहन उड़ा रहे हैं। जिस कारण वाहन चोरी होने पर लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
इस गिरोह ने दरवाजे से उड़ाए वाहन
देवरिया। गिरोह ने छह मार्च को रेलवे स्टेशन के पास से स्कार्पियो, तीन मार्च को कुशीनगर से स्कार्पियो, जनवरी माह में गरुणपार मुहल्ले से फार्च्यूनर और भुजौली कॉलोनी से स्काॅर्पियो चुराया है। सभी वाहनों का जीपीएस हैक कर लिया गया था। इस कारण पुलिस को काफी समय तक वाहन की लोकेशन नहीं मिली।
जीसीएस हैक वाहन चोरी करने वाले गिरोह का अभी कुछ माह पहले खुलासा हुआ था। लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है कि वाहन चोर नए तरीका इजाद कर रहे हैं। इससे वाहन चोरों को पकड़ने में काफी समय लग जा रहा है। -राजेश कुमार, एएसपी