- नदी खतरे के निशान से 76 सेमी ऊपर, अगले 24 घंटे में और बढ़ने का अनुमान
- तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता, बाढ़ विभाग के अफसरों ने बढ़ाई सतर्कता
भागलपुर। पहाड़ों पर बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के चलते सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तुर्तीपार गेज पर बुधवार शाम चार बजे नदी 64 मीटर 77 सेंटीमीटर पर पहुंच गई, जो खतरे के निशान से 76 सेंटीमीटर अधिक है। केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे में भी जलस्तर बढ़ने का अनुमान जताया है। पानी रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नदी का प्रवाह बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। इससे क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण नदी के बढ़ते दबाव को लेकर चिंतित हैं। मंगलवार को भी 24 घंटे के दौरान जलस्तर में 18 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई थी।
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बंधों में बने रैटहोल से बढ़ी चिंता
भागलपुर-मईल मार्ग का बंधा बाढ़ के दौरान 24 से अधिक गांवों की सुरक्षा करता है। लेकिन जगह-जगह बने रैटहोल के कारण तटवर्ती लोगों की चिंता बढ़ गई है। इन बंधों से दस हजार से अधिक आबादी को सुरक्षा मिलती है। नदी का दबाव और बढ़ने पर कमजोर स्थान परेशानी का कारण बन सकते हैं।
विभाग ने बढ़ाई निगरानी
सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। सोमवार देर रात सहायक अभियंता विवेक कुमार ने छित्तूपुर और देवसिया बंधे का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारियों को जलस्तर और बंधों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि नदी का स्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए विभाग सतर्क है। बंधों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है।