बरहज के परसियां देवार में पीडब्ल्यूडी बंधे के निकट कटान कर रही नदी
बरहज। सरयू नदी का जलस्तर भले ही धीरे-धीरे घटने लगा है मगर बाढ़ का असर तटवर्ती गांवों के लोगों की राह रोक रहा है। पानी उतरने के बाद संपर्क मार्ग कीचड़ और जलभराव से बदहाल हो गए हैं। इससे रास्ते चलने लायक नहीं बचे हैं।
कई रास्ते टूट जाने से ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। जलभराव वाले इलाकों में दुर्गंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नदी के पीछे हटने के बावजूद जनजीवन अभी पटरी पर नहीं लौट सका है।
सोमवार को थाना घाट स्थित सिंचाई विभाग के मीटर गेज पर सरयू का जलस्तर 67.15 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 66.50 मीटर से 65 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले सप्ताह नदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर पहुंच गई थी।
इस वर्ष जलस्तर अधिकतम 68.05 मीटर तक पहुंचा था। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में वर्ष 2022 की बाढ़ का मंजर ताजा हो गया था।
चार दिन पहले अयोध्या में जलस्तर घटने के बाद बरहज में भी नदी लगातार पीछे हट रही है। सोमवार को राप्ती 69.10 मीटर पर बह रही थी।
दोनों नदियों का जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से जरूरी सामान लाने-ले जाने में भी ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है। धीरे-धीरे हालात सामान्य होने की उम्मीद है।