देवरहा बाबा आश्रम के तरफ बढ़ता सरयू का जलस्तर
भागलपुर। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी नदियों पर दिखने लगा है। सरयू नदी लगातार चौथे दिन बुधवार को भी विकराल रूप धारण किए हुए है। नदी में हो रहे अप्रत्याशित उफान से तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में दहशत है। केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में और वृद्धि के संकेत दिए हैं।
सरयू का पानी अब गांवों की ओर रुख कर चुका है। भागलपुर, देवसिया, बलिया, नरियांव, मईल, नरसिंहडांढ, तेलिया और छित्तूपुर समेत कई गांवों के निचले इलाकों और खेतों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। इससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं तो ग्रामीण पशुओं के चारे के लिए परेशान हैं। चार दिन से लगातार बढ़ रही नदी सोमवार की रात से मंगलवार की दोपहर तक खतरे के निशान पर स्थिर हो गई थी। इससे लोगों ने राहत की सांस ली थी मगर मंगलवार की शाम से नदी ने फिर करवट ली और एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगी।
केंद्रीय जल आयोग के तुर्तीपार गेज के अनुसार, बुधवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 64 मीटर 20 सेमी दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64 मीटर एक सेमी से 19 सेमी ऊपर है। मंगलवारकी शाम यह 64 मीटर 04 सेमी था। 24 घंटे में 16 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। संवाद