भागलपुर में बढ़ता सरयू का जलस्तर। संवाद
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में तेजी आई है। बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही थी। 24 घंटे स्थिर होने के बाद नदी के जलस्तर में पांच सेमी की बढ़त दर्ज किया गया है। जलस्तर में हो रही उठापटक को लेकर लोग परेशान हैं। वहीं बाढ़ के पानी से घिरा होने के कारण कुछ गांवों के लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं।
सरयू में सैलाब उमड़ आने से राप्ती भी उफान पर है। इस बार नदी खतरे के निशान 66.50 से 1.05 मीटर ऊपर 67.55 मीटर तक पहुंची थी। पिछले दो दिनों में जलस्तर में कमी नोट किया गया, लेकिन 24 घंटे में नदी का जलस्तर स्थिर होने के बाद एक बार फिर बढ़त बनाने लगा है। बृहस्पतिवार को नदी 67.10 मीटर पर बह रही थी।
नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी विशुनपुर देवार के अधिकांश मोहल्लों, जबकि परसियां देवार के दसरसरिया, धोबीपुरा, भरटोला सहित आधा दर्जन मजरों तक पहुंच गया है। चारों ओर से पानी से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव टॉपू बना हुआ है। वहीं नदी का पानी गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव तक भी पहुंच गया है। सरयू के जलस्तर में हो रही उठापटक से तटवर्ती गांवों के लोगों की सांसे आटकी हुई हैं।
भागलपुर संवाद के अनुसार सरयू नदी में दो दिन से धीमी गति से बढ़ोत्तरी निरंतर जारी है। मंगलवार को नदी का जलस्तर कम होकर लाल निशान के पास पहुंच गया था,लेकिन सोमवार सुबह से नदी में धीमी गति से बढ़ाव शुरू हो गया। जिससे तटवर्ती इलाकों में फिर से बाढ़ का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। नदी में हो रहे उतार चढ़ाव से तटवर्ती इलाकों के लोग फिर से सहम गए हैं।