बरहज। नेपाल में हुई बारिश से सरयू नदी उफान पर है। बुधवार को इसके जलस्तर में 50 सेमी का इजाफा हुआ और नदी खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर पहुंच गई। बाढ़ खंड के अधिकारियों का मानना है कि एक-दो दिनों में नदी के जलस्तर में एक मीटर की वृद्धि हो सकती है। नदी में रह-रहकर पानी के हिलोरे देख तटवर्ती गांव के लोग सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि नदी जगह-जगह बंधों पर दबाव बना रही है। हालांकि, अभी कहीं भी बंधा टूटने या दरकने की शिकायत नहीं आई है। इधर, राप्ती और गुर्रा नदी का जलस्तर भी चढ़ाव पर है। हालांकि, ये नदियां खतरे के निशान से अभी दो से तीन मीटर नीचे बह रही हैं।
थाना घाट पर लगे मीटर गेज पर सरयू मंगलवार को खतरे के निशान के करीब 35 सेमी नीचे 66.15 मीटर पर बह रही थी। लेकिन नेपाल में पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश के कारण जलस्तर में तेजी आई है। सरयू के करवट लेने से नदी कटइलवा, कपरवार संगम तट पर दबाव बनाने लगी है। जबकि परसियां-विशुनपुर देवार में नदी खेतों के रास्ते पीडब्ल्यूडी के बांध के करीब तक पहुंच गई है। वहीं, भदिला प्रथम गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है। करीब एक माह से नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की सांसें अटकी हुईं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के इस प्रकार रुख अख्तियार करने से बंधों पर दबाव बन रहा है। जिससे बांध टूटने का खतरा प्रबल हो जाता है। सरयू में आई तेजी से राप्ती भी उफान पर है। बाढ़ खंड विभाग जलस्तर में करीब एक मीटर और वृद्धि होने की कयास लगा रहा है। जलस्तर बढ़ने से परसियां देवार के 26 टोलों में दसरसरिया, भरटोला, चौधरीपुरा के पानी से घिरने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं विशुनपुर देवार के 26 टोलों की ओर भी पानी रुख कर रहा है। जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि से लोगों की नींद उड़ गई है। प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में तेजी आई है। नदी का जलस्तर एक मीटर तक और बढ़ने की आशंका है।
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बोले तटवर्ती गांवों के लोग
जलस्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि से नदी का पानी खेतों का रुख कर रहा है। प्रशासन पर सारा दारोमदार टिका हुआ है। पीडब्ल्यूडी बांध के टूटने से परसियां-विशुनपुर देवार के 52 टोलों पर भारी तबाही मच सकती है।
- शंकर प्रसाद, स्थानीय।
प्रत्येक वर्ष की तरह भदिला प्रथम गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है। जलस्तर के बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति प्रबल हो रही है। आवागमन के लिए तीन नावें लगाई गई हैं। जो नाकाफी साबित हो रहा है। इस समय नदी के रास्ते आवागमन करना, जान जोखिम में डालना है। छात्रों, बूढ़े-बुजुर्गों और मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
- विंध्यवासिनी देवी, भदिला प्रथम
कोट-
जलस्तर बढ़ रहा है। 14 बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। राजस्व कर्मियों को चौकस रहने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
- अवधेश कुमार निगम एसडीएम, बरहज
भागलपुर में सरयू बजा रही खतरे की घंटी, तुर्तीपार में भी लगातार बढ़ रहा जलस्तर
सलेमपुर। भागलपुर में सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे से लगातार तेजी से बढ़ रहा है। सरयू नदी तुर्तीपार रेगुलेटर पर बुधवार दोपहर चेतावनी का निशान पार कर चुकी है, यह खतरे के निशान की तरफ तेजी से बढ़ रही है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही तो आधी रात को ही खतरे का निशान पार कर जाएगी। इसको लेकर नदी के किनारे बसे गांव के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी है।
तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 64 मीटर 26 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी लेवल 64 मीटर से 26 सेमी ऊपर है। तुर्तीपार रेगुलेटर के कर्मचारियों के अनुसार नदी तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। जिससे नदी का पानी रिहायशी इलाकों की तरफ तेजी से फैल रहा है। फिलहाल नदी रेगुलेटर पर अंकित खतरे का निशान 64 मीटर 30 सेमी से चार सेमी नीचे बह रही है। नदी में तेजी से बढ़ाव के साथ ही तटवर्ती इलाकों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। हालांकि नदी के जलस्तर में वृद्धि इस साल तीसरी बार हो रही है। नदी बीते जुलाई महीने में चेतावनी लेवल के पास आकर लौट गई थी। नदी के तटवर्ती इलाकों भागलपुर बलिया, छित्तूपुर, देवसियां, नरियांव, मईल, तेलिया के लोगों का मानना है कि अगर नदी की रफ्तार इसी तरह बढ़ती रही तो तबाही मचना तय है। बाढ़ राहत चौकी पिछले साल जो प्रस्तावित थी। इस साल भी उन्हीं चौकियों को स्थापित किया गया है। तहसील प्रशासन का कहना है कि तहसील के कर्मचारियों को बाढ़ राहत चौकी पर रहने को कहा गया है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा का कहना है कि नदी के जल स्तर में वृद्धि पहाड़ों पर हो रही बारिश और नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से हो रही है। मीटर पर निगरानी रखी जा रही है। संवाद
नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी - खतरा - जलस्तर - गेज स्थल
सरयू - 66.50 - 66.75 - बरहज
राप्ती - 70.50 - 67.85 - भेड़ी
गुर्रा - 70.50 - 68.15 - पिड़राघाट
छोटी गंडक - 63.80 - सामान्य - नदावर घाट
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गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर को देख 116 गांव के लोगों में बाढ़ की दहशत
एकौना। तराई इलाकों में बारिश का असर क्षेत्र के नदियों पर पड़ने लगा है। पिछले दो दिन में गोर्रा और राप्ती के जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि को देख कछार और दोआबा के लोगों में एक बार फिर बाढ़ का भय बना है। नदियों के जलस्तर से बंधों पर खतरे को देख 116 गांव के लोगों में बाढ़ से बर्बादी का दहशत बनने लगा है।
बुधवार को गोर्रा नदी जलस्तर 68.25 मीटर रहा और राप्ती नदी 68.03 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियां खतरे के निशान 70.50 मीटर से नीचे रहीं। गोर्रा नदी पिड़रा भुसवल बांध पर पिड़री गांव के समीप बोल्डर पिचिंग पर कटान कर रही है। गोर्रा नदी के तटवर्ती रतनपुर, ईश्वरपुरा और पिड़रा के नजदीक गोर्रा नदी बंधे को खोखला कर रही है। पिड़रा पुल के एप्रोच को बचाने के लिए विभाग की ओर से निरंतर बचाव कार्य जारी है। तिघरा मराछी बांध पर राप्ती नदी भेड़ी गांव के निकट बंधे से सट कर बह रही है। खेती योग्य भूमि को नुकसान कर चुकी नदी अब आबादी की तरफ बढ़ रही है। बंधे और नदी के बीच में बसे नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के मकानों पर गोर्रा नदी सीधे ठोकर मार रही है। ग्रामीणों के अनुसार यदि नदियों के जलस्तर से तेजी से वृद्धि हुई तो बंधों पर खतरा बढ़ सकता है। दोआबा के लोगों ने बंधों पर रैटहोल को पाटने की मांग की। एसडीएम विपिन द्विवेदी ने कहा कि जलस्तर से अभी बंधों पर कोई खतरा नहीं है। सिंचाई विभाग को लगातार बंधों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। संवाद