बहरज थाना घाट पर विकराल रूप में बह रही सरयू
बरहज। सरयू नदी बरहज में खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। मंगलवार को पूरे दिन सरयू और राप्ती का जलस्तर स्थिर रहा मगर तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें अब भी बरकरार है।
सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर ऊपर 67.50, जबकि राप्ती 67.90 मीटर पर बह रही है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी खेतों के रास्ते गांवों की तरफ बढ़ रहा है।
डेढ़ माह से राप्ती के बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव टॉपू बना हुआ है। विशुनपुर देवार के कई मजरों और गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोग परेशान हैं।
तटवर्ती ग्रामीणों का कहना है कि सुबह सरयू का जलस्तर घटन के बाद रात होते ही फिर बढ़ने लगता है।