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Deoria News: सरयू-राप्ती उफनाई...श्मशान घट डूबा, रामजानकी मार्ग किनारे अंतिम संस्कार

Fri, 02 Oct 2026 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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- बरहज क्षेत्र में चारों ओर पानी ही पानी, चार दिन से लगातार बढ़ रहा जलस्तर, पीडब्ल्यूडी बांध पर कटान का खतरा
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बरहज। सरयू और राप्ती के उफान से बरहज क्षेत्र में बाढ़ के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। नदी किनारे स्थित श्मशान घाट जलमग्न होने से अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं बची। बृहस्पतिवार को शव लेकर पहुंचे लोगों को मजबूरी में पैना रोड स्थित कान्हा हाउस के पास रामजानकी मार्ग की पटरी पर चिता सजानी पड़ी। चार दिनों से दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से खेतों और आबादी में पानी फैल गया है।
सरयू खतरे के निशान 66.50 मीटर से 1.55 मीटर ऊपर 68.05 मीटर पर बह रही है। राप्ती भी 68.05 मीटर पर पहुंच गई है। दोनों नदियों में उफान से बरहज कस्बे तक पानी पहुंच गया है। नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट में पानी भर जाने के कारण अंतिम संस्कार के लिए लोगों को वैकल्पिक जगह का सहारा लेना पड़ रहा है। पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बाढ़ का पानी खेतों को डुबोने के बाद रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। विशुनपुर देवार के कत्लहवा, स्कूलहिया, बांके, जवाहर और दलित बस्ती समेत 12 मजरों में पानी घुस गया है। पुराना बरहज, जहाज घाट, पटेल नगर पूर्वी, मेहियावां और कुवाईच टोला भी प्रभावित हैं।
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पैना रोड स्थित रामजानकी मार्ग और कपरवार-रुद्रपुर सड़क तक पानी पहुंच गया है। बिनोवापुरी गांव के पास बने तटबंध के दोनों तरफ बाढ़ का पानी जमा है। महेन में ईंट-भट्ठे के पास और बागीचे तक पानी फैल गया है। इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है।
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सड़क किनारे जलीं चिताएं
बृहस्पतिवार को श्मशान घाट में पानी भरा होने के कारण दूर-दराज से शव लेकर आए लोगों को अंतिम संस्कार के लिए परेशानी उठानी पड़ी। रामजानकी मार्ग की पटरी पर लोगों ने चिता सजाकर अंतिम संस्कार किया। बाढ़ के बीच सड़क किनारे अंतिम क्रिया करने को लोग मजबूर रहे।
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पीडब्ल्यूडी बांध पर बढ़ा कटान का खतरा
सरयू पार परसियां देवार के पास पीडब्ल्यूडी बांध पर नदी का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी के बढ़ते दबाव से आसपास के गांवों में भी चिंता बढ़ी है। बांध के संवेदनशील हिस्से पर कटान रोकने का काम शुरू करा दिया गया है। सरयू और राप्ती के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एसडीएम प्रवीण कुमार और तहसीलदार दुर्गेश चौरसिया ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। वहीं, राहत सामग्री नहीं मिलने को लेकर प्रभावित लोगों में नाराजगी रही।

अयोध्या में सरयू के जलस्तर में कमी आई है। दो दिनों में जलस्तर घटने की संभावना है। फिलहाल हालात पर नजर रखा जा रहा है।
- उपेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
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