बरहज। खतरे के निशान 66.50 मीटर से एक मीटर पांच सेमी ऊपर पहुंची सरयू अब धीरे-धीरे नीचे आने लगी है। पिछले 24 घंटे से सरयू और राप्ती के जलस्तर में बरहज में पांच-पांच सेमी की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, बाढ़ प्रभावितों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं।
तीन बार बढ़त बनाने के साथ सरयू खतरे के निशान 66.50 से 67.05 मीटर तक पहुंची थी, जो पुनः 66.45 मीटर तक लौटी थी। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से लोग पशोपेश में हैं।
चौथी बार सरयू के जलस्तर में उछाल आने से नदी का पानी 67.55 मीटर तक पहुंच गया था। पिछले 24 घंटे से सरयू और राप्ती के पीछे हटने से लोग राहत महसूस की है। विशुनपुर देवार के जरलहवा, कत्लहवा, बांके, जवाहर टोला सहित एक दर्जन मजरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। करीब डेढ़ माह से राप्ती के पानी से चारों से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है।
बाढ़ से प्रभावित गांव और मजरों के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरयू और राप्ती में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ के पानी का दबाव तटबंधों पर बढ़ गया है।