बरहज। सरयू और राप्ती के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 10-10 सेमी की कमी आई है। जलस्तर में कमी आने से निर्माणाधीन मोहन सेतु के पास दियारा क्षेत्र में नदी ने कटान शुरू कर दी है। जलस्तर में कमी आने से लोगों ने राहत महसूस की है मगर दुश्वारियां बरकरार हैं।
पिछले सप्ताह दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। भदिला प्रथम गांव अब भी टापू बना हुआ है। विशुनपुर देवार के 12 मजरों तक नदी का पानी पहुंच गया है। नदी के पानी से रास्ता अवरूद्ध हो जाने से लोगों काे नाव से आवागमन करना पड़ रहा है।
रमाशंकर यादव, अवधेश यादव, आशा देवी आदि का कहना है कि दो दिन से सरयू जलस्तर में कमी आने से राहत मिली है। लोगों का कहना है कि नदी के घटने के बाद विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। संक्रामक बीमारियों का भय सता रहा है। 24 घंटे में सरयू और राप्ती के जलस्तर में 10-10, जबकि दो दिन में 15 सेमी की कमी आई है। सरयू खतरे निशान 66.50 से एक मीटर ऊपर 67.50 मीटर पर बह रही है। नदी के पीछे हटने से निर्माणाधीन मोहन सेतु के पर कटान फिर से तेज हो गया है।
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