बरहज के कपरवार संगम तट पर कटान कर रही नदी और कटान रोकने का प्रयास करता बाढ़ खंड विभाग संवाद
- फोटो : DEORIA
देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र के कपरवार संगम तट पर सरयू नदी उग्र हो गई है। तेज कटान होने के कारण सोमवार को करीब चार घंटे में नदी ने 20-25 मीटर भूमि को अपनी जद में ले लिया है। हालांकि, हो रही कटान से नवीन बंधे पर भी खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर बाढ़ खंड विभाग ने बचाव कार्य तेज कर दिया है।
सुबह आठ बजे सरयू की कटान तेज हो गई। कपरवार के गंगा यादव के खेत के पश्चिमी और दक्षिणी छोर पर नदी तेजी से कटान करने लगी। करीब 12 बजे तक 20-25 मीटर जमीन नदी की धारा में विलीन हो गई। इससे हाहाकार मच गया। जानकारी होने पर बाढ़ खंड विभाग के जेई नागेंद्र सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने कटान क्षेत्र पर तेजी से बचाव कार्य शुरू करा दिया है। कटान को रोकने के लिए नदी की धारा में जियो बैग की बोरियां आदि डाली जा रहीं हैं। नदी में कटान से तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरयू सीधे राप्ती की ओर रुख कर रही है। इससे मुहाने पर कटान तेज हो गई है। कटान अगर जारी रही तो नदी रामजानकी मार्ग के करीब तक पहुंच जाएगी। नदी के कटान से गांवों को बचाने के लिए करीब 59 करोड़ की लागत से विभाग ने कटइलवा से संगम तट तक नवीन बांध बनाया है। पिछले एक पखवारे से सरयू के करवट लेने से कपरवार संगम तट स्थित गंगा यादव के खेत के पश्चिमी और दक्षिणी छोर पर नदी बेतहाशा कटान कर रही है। नवीन बांध के करीब भी कुछ जगहों पर नदी कटान कर रही है। इससे दर्जनों की संख्या में पार्कोपाइन और जियो बैग की बोरियां बह गईं हैं।
बालू खनन को बताया जा रहा कटान की वजह
कपरवार संगम तट पर नदी में हो रही बेतहाशा कटान की वजह लोग गोरखपुर जनपद के नदी में विलीन हो चुके कोलखास गांव पर सरकारी खनन को बता रहे हैं। इससे नदी उत्तरायण होती जा रही है। नदी की धारा बदलने से सरयू सीधे राप्ती पर दबाव बनाते हुए बह रही है। कटान के कारण जहां कपरवार के कुवाइच टोला सहित रामजानकी मार्ग पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, दो से तीन किलोमीटर दक्षिण बहने वाली नदी उत्तर का रुख कर रही है। दक्षिणी छोर स्थित नदी पाट पर करीब 500 मीटर सिल्ट की परत जम गई है।
नदी की धारा उग्र होने से कटान हो रही है। बचाव कार्य तेज करा दिया गया है। जल्द ही हालात पर नियंत्रण कर लिया जाएगा। लोगों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता