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बरहज में खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बह रही सरयू

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बरहज में खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बह रही सरयू
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बरहज। सरयू नदी का जलस्तर इस वर्ष के उच्चतम सीमा पर पहुंच गया है। नदी खतरे के निशान 66.50 से 50 सेमी ऊपर 67.00 मीटर पर बह रही है। नदी के उग्र रूप से तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
बृहस्पतिवार को सरयू नदी का पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 40 सेमी का इजाफा हुआ है। नदी रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रही है। चार दिन पूर्व नदी के जलस्तर में कमी आई थी, लेकिन अचानक जलस्तर बढ़ने से कटइलवा, नौकाटोला, मठियां, कुवाइच टोला, भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार और गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव के ग्रामीण हलकान हैं। नदी का तेवर देख लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। भदिला प्रथम गांव चारों ओर से राप्ती नदी के पानी से घिरा हुआ है। गांव के लोगों की आवाजाही नाव के जरिए हो रही है। मेहियवां गांव के निकट रामजानकी मार्ग और बिनवापुरी के समीप कटान के रास्ते राप्ती नदी का पानी कपरवार-रुद्रपुर रोड तक पहुंच गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। एई अशोक द्विवेदी ने बताया कि 24 घंटे में जलस्तर में तेजी आई है। बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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भागलपुर में खतरे का निशान छूने को मचल रही सरयू नदी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। पहाड़ों पर बारिश की वजह से सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इससे भागलपुर क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों के लोग भयभीत हैं। नदी तुर्तीपार में चेतावनी लेवल पार कर चुकी है और खतरे के निशान की तरफ तेजी से बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 64.29 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.30 मीटर से एक सेमी नीचे है।
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केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के कर्मचारियों के अनुसार, नदी में बुधवार रात से वृद्धि हो रही है। नदी में बढ़ाव के कारण तटवर्ती लोगों के हलक सूखने लगे हैं। लोगों में बाढ़ को लेकर दहशत व्याप्त है। हालांकि नदी जुलाई माह में खतरे के निशान से उपर पहुंच गई थी। नदी के तटवर्ती इलाके के बलिया, भागलपुर, छित्तूपुर, देवसिया, नरियांव, मईल, नरसिंहडांड़, तेलिया आदि गांवों के लोगों का मानना है कि दोबारा अगर पानी बढ़ा तो खेतों में फसल बर्बाद हो जाएगी। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई ने बताया कि दोबारा नदी में बढ़ाव जारी है, निगरानी रखी जा रही है।
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