देवरिया। ई-केवाईसी अपडेट न होने से जिले के 1.17 लाख किसानों की सम्मान निधि अटक गई है। अब किसान रोजाना दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमने ई-केवाईसी अपडेट कराने के लिए बहुत मौके दिए, आप लोग समय पर जागे ही नहीं तो हम क्या करें। वहीं, किसानों का कहना है कि सारे कागजात जमा किए, अंगूठा भी लगाया फिर खाते में सम्मान निधि नहीं पहुंची। 14वीं किस्त जारी होने के बाद से उप कृषि निदेशक कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी व किसानों के बीच रोजाना इस तरह की बहस हो रही है।
जिले में कुल 4.80 लाख सक्रिय किसान हैं। इनके खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की रकम पहुंच रही थी। इनमें कुछ किसानों की मृत्यु हो चुकी है तो कुछ नौकरी में लग गए हैं। इनमें नौ हजार आयकर दाता भी हैं। नए सत्र में शासन ने पीएम किसान के लाभार्थियों को ई-केवाईसी अपडेट कराने का निर्देश जारी किया। तहसीलवार कैंप भी लगाए गए थे। फिर भी एक लाख 17 हजार 132 लोग ई-केवाईसी से वंचित रह गए। अब जब खाते में सम्मान निधि की 14वीं किस्त नहीं पहुंची है तो किसान दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
एक नजर में
- 4,80,473 सक्रिय किसान हैं जिले में।
- 3,63,341 किसानों के अपडेट है ई-केवाईसी।
- 1,17,132 किसानों की ई-केवाईसी अपडेट नहीं है।
इनसेट
10 हजार अपात्रों से होगी 12.38 करोड़ की वसूली
पीएम किसान पोर्टल पर 10331 अपात्र मिले हैं। जो सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। आयकर पोर्टल से मिलान के बाद इन्हें चिह्नित किया गया है। भारत सरकार ने कृषि विभाग को आयकर जमा करने वाले लोगों से सम्मान निधि वसूलने के लिए सूची भेजी है। इनसे 12.38 करोड़ की धनराशि वसूल की जाएगी। पूर्व में अपात्रों से 55 लाख रुपये सम्मान निधि वसूल की गई है।
बोले किसान:
दिसंबर 2020 से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन कर रहे हैं। अभी तक एक भी किस्त का लाभ नहीं मिल पाया है। उप कृषि निदेशक कार्यालय के बाबू ने बताया कि आपका आवेदन स्टेट लेवल से निरस्त कर दिया गया है। - शत्रुघ्न पाठक, बड़हरा
सहज जन सेवा केंद्र के माध्यम से मैंने मई माह में ई-केवाईसी कराया था। कैंप में भी सारे कागजात दिए थे। इसके बावजूद मेरे खाते में सम्मान निधि नहीं आई है। विभागीय कर्मचारी बता रहे हैं कि आपका ई-केवाईसी अपडेट नहीं है। - मोहम्मद हनीफ सिद्दीकी, गोविंदपुर।
वर्जन
ई-केवाईसी अपडेट करने के लिए ब्लाॅक व तहसील स्तर पर कैंप लगाया गया था। जिला मुख्यालय पर भी काउंटर बनाए गए थे। किसान सहज जन सेवा केंद्र या खुद के स्मार्ट फोन से ई-केवाईसी कर सकते थे। फिर भी 1.17 लाख किसानों की ई-केवाईसी अपडेट नहीं हुई है। कार्यालय आए किसानों की समस्याओं का निस्तारण किया जा रहा है।
- राजेश कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक